बड़ागांव धसान में चल रहे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव के तीसरे दिन जन्मकल्याणक का पावन उत्सव भक्तिभाव से मनाया गया। शोभायात्रा पांडुक शिला पहुंची जहां सौधर्म इन्द्र सहित श्रद्धालुओं ने बालक आदिकुमार का जन्माभिषेक किया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
उदार सागर जनकल्याण तीर्थ क्षेत्र बड़ागांव धसान में आचार्य श्री उदार सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में चल रहे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव का तीसरा दिन मंगलवार को जन्मकल्याणक के नाम रहा। सुबह से ही नित्य नियम पूजा के उपरांत बालक आदिकुमार के दिव्य जन्म का संपूर्ण क्रम प्रतिष्ठाचार्य ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत द्वारा संपन्न करवाया गया।
पूरे दिन में इन्द्र सभा, शची सौधर्म वार्ता, सौधर्म इन्द्र का अवधिज्ञान द्वारा तीर्थंकर के जन्म को जानना, कुबेर इन्द्र व सौधर्म इन्द्र के बीच संवाद, सौधर्म इन्द्र का सप्तसेना सहित अयोध्या प्रस्थान, अयोध्या परिक्रमा, माता को मायामयी निद्रा में सुलाने से लेकर मायावी बालक का निर्माण और प्रसूति गृह से जिनबालक को सौधर्म इन्द्र को सौंपने तक की सभी विधियाँ पूर्ण धार्मिक विधि-विधान से आयोजित की गईं।
इसके बाद कलशाभिषेक के उपरांत जन्मकल्याणक की शोभायात्रा निकाली गई, जो मंगल विहार के विभिन्न मार्गों से होती हुई पांडुक शिला पहुंची। वहां सौधर्म इन्द्र सहित अन्य इन्द्रों और श्रद्धालुओं ने बालक आदिकुमार का जन्माभिषेक किया। भजनों की पावन ध्वनि — ‘आया मंगल दिन मंगल अवसर…’, ‘अमृत से गगरी भरो…’, ‘रोम रोम से निकले प्रभुवर नाम तुम्हारा…’ — के बीच श्रद्धालु भक्ति और आनंद में सराबोर हो गए। त्रिलोकीनाथ के जन्माभिषेक के इस पावन दृश्य ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। चारों ओर जयकारों की गूंज, भक्ति का वातावरण और दिव्य अनुष्ठान का प्रभाव पूरे तीर्थ क्षेत्र में छाया रहा।













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