आगरा के हरीपर्वत स्थित एम.डी. जैन इंटर कॉलेज ग्राउंड में चल रहे श्री इंद्रध्वज महामंडल विधान के सातवें दिन भव्य अभिषेक, अष्टद्रव्य आराधना और भक्ति आरती के बीच जैन समाज में दिव्य उत्साह का संचार हुआ। पढ़िए शुभम जैन की रिपोर्ट…
आगरा। परम पूज्य आचार्य श्री चैत्य सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सान्निध्य एवं स्वर्गीय स्वरूपचंद जैन मारसंस की पावन स्मृति में आयोजित श्री इंद्रध्वज महामंडल विधान का सातवां दिवस भी अभूतपूर्व भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का साक्षी बना। यह दिव्य आयोजन बिमलेश कुमार जैन, ऊषा जैन, नितिन जैन, मेघना जैन, आदित्य जैन, अनुष्का जैन मारसंस परिवार द्वारा एम.डी. जैन इंटर कॉलेज ग्राउंड, हरीपर्वत में आयोजित किया जा रहा है।
29 अक्टूबर की प्रातःकालीन बेला में श्रीजी का अभिषेक विधानाचार्य डॉ. आनंदप्रकाश जैन (कोलकाता) के वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य संपन्न हुआ। इस अवसर पर उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने 458 चैत्यालयों में विराजमान जिन प्रतिमाओं का जल, पुष्प, फल एवं अष्टद्रव्य से पूजन-अर्चन किया। सौभाग्यशाली भक्तों ने आचार्यश्री का पादप्रक्षालन कर शास्त्र भेंटकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इंद्रध्वज विधान आत्मा की विजय का प्रतीक
आचार्यश्री चैत्य सागर जी महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में कहा कि इंद्रध्वज विधान आत्मा की विजय का प्रतीक है — यह साधक को भीतर की शुद्धि एवं स्थिरता के पथ पर अग्रसर करता है। सायं काल भक्ति संगीत और नृत्य आरती के साथ संपूर्ण परिसर ‘‘जय जिनेन्द्र’’ के जयघोषों से गूंज उठा।
यह आयोजन में रहे उपस्थित
इस अवसर पर प्रदीप जैन पीएनसी, डॉ. जितेन्द्र जैन, राकेश जैन, अशोक जैन, अमित सेठी, राजेन्द्र जैन, अजीत प्रसाद जैन, सुनील जैन ठेकेदार, हुकुम जैन, संजय जैन, मीडिया प्रभारी शुभम जैन सहित आगरा जैन समाज के अनेक श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।













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