समाचार

छीपीटोला की धरा बनी धर्ममयी, : मुनिसंघ के ऐतिहासिक मंगल प्रवेश से गूंजा आंगन


सकल दिगंबर जैन समाज छीपीटोला और आगरा दिगंबर जैन परिषद के संयुक्त तत्वावधान में समाधिस्थ आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनिश्री सौम्यसागर जी महाराज एवं मुनिश्री निश्चलसागर जी महाराज ससंघ का छीपीटोला में वर्षायोग के लिए ऐतिहासिक मंगल प्रवेश संपन्न हुआ। पढ़िए शुभम जैन की रिपोर्ट…


आगरा। सकल दिगंबर जैन समाज छीपीटोला और आगरा दिगंबर जैन परिषद के संयुक्त तत्वावधान में समाधिस्थ आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनिश्री सौम्यसागर जी महाराज एवं मुनिश्री निश्चलसागर जी महाराज ससंघ का छीपीटोला में वर्षायोग हेतु ऐतिहासिक मंगल प्रवेश संपन्न हुआ।

7 जुलाई की सुबह नॉर्थ ईदगाह कॉलोनी जैन मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा ने नगर को धर्मरस में सराबोर कर दिया। श्रद्धालुओं के जयकारों, बैंड-बाजों और करतल ध्वनि के साथ विहार करते हुए मुनिसंघ का चातुर्मास स्थल — श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर छीपीटोला में भावभीना स्वागत हुआ।

भक्ति, भव्यता और भावनाओं का संगम

छीपीटोला की सड़कों पर श्रद्धालु महिलाएं, बालिकाएं और पुरुषों का अपार हुजूम उमड़ा। जगह-जगह पुष्पवर्षा, तोरण द्वार और मंगल कलशों के साथ संत स्वागत की परंपरा को जीवंत किया गया। मंदिर में मुनिश्री ने सभी जिन प्रतिमाओं के दर्शन कर जगत कल्याण की भावना व्यक्त की।

श्रीफल समर्पण, पाद प्रक्षालन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ गुरुभक्ति का अनुपम दृश्य उपस्थित हुआ। सौभाग्यशाली भक्तों ने संतवाणी का श्रवण कर अमृतपान किया।

संगीतमय पूजन और श्रद्धा का सागर

कार्यक्रम के दौरान समाधिस्थ आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज का भक्तों ने अष्टद्रव्य से संगीतमय पूजन किया। नमोस्तु शासन संघ एवं एनसीसी क्लब के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी भी उल्लेखनीय रही।

उल्लेखनीय उपस्थिति:

इस आयोजन में प्रमुख रूप से मनोज जैन बल्लो, मुरारीलाल जैन, अक्षय जैन, प्रवेश जैन, संजीव जैन, राजीव जैन, सत्येंद्र जैन साहूला, दीपक जैन, अनिल जैन, अभिषेक जैन, हेमंत जैन, शुभम जैन सहित छीपीटोला जैन समाज के समस्त श्रद्धालु उपस्थित रहे।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page