समाचार

मुरैना एक तीर्थ के समान है जहां आचार्यश्री विद्यासागरजी आए: मुनिराजों का विहार हुआ, किए श्रीफल भेंट 


जिस नगर में आचार्यश्री भगवान विद्यासागर जी महाराज के चरण पड़े हांे, वो नगर एक तीर्थ के समान हैं। इतना ही नहीं गुरुदेव के कर कमलों से यहां श्री मानस्तंभ की प्राण प्रतिष्ठा भी हुई है। तब तो वास्तविक रूप से मुरैना नगर एक तीर्थ के समान ही है। जिस नगर में गुरुदेव आचार्य श्री का आगमन हुआ हो वहां कुछ समय रुककर धर्म प्रभावना करना मेरा हक भी है और अधिकार भी है। यह विचार मुनिश्री सौम्यसागर जी ने व्यक्त किए। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर….


मुरैना। जिस नगर में आचार्यश्री भगवान विद्यासागर जी महाराज के चरण पड़े हांे, वो नगर एक तीर्थ के समान हैं। इतना ही नहीं गुरुदेव के कर कमलों से यहां श्री मानस्तंभ की प्राण प्रतिष्ठा भी हुई है। तब तो वास्तविक रूप से मुरैना नगर एक तीर्थ के समान ही है। जिस नगर में गुरुदेव आचार्य श्री का आगमन हुआ हो वहां कुछ समय रुककर धर्म प्रभावना करना मेरा हक भी है और अधिकार भी है। यह उद्गार अल्प प्रवास पर पधारे मुनिश्री सौम्यसागर महाराज ने बड़े जैन मंदिर में धर्म सभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मुरैना वह नगरी है जहां से आचार्य श्री सुमति सागर और आचार्य श्री ज्ञानसागर जैसे तपस्वी संत हुए हैं। आप सभी लोग पुण्यशाली आत्मा है। आप सभी को पूर्व से ही विराजमान युगल मुनिराजों का सानिध्य मिला हुआ है।

आप सभी उनके पावन सानिध्य में पुण्य का संचय कर रहे हैं। ध्यान रखना गुरुओं के वचन और आशीर्वाद जब फलीभूत होते है तब आपके सारे दुख दर्द दूर हो जाते है और आपका जीवन मंगलमय हो जाता है। धर्म सभा के आरंभ में जैन समाज के श्रावक श्रेष्ठियों ने मंचासीन पूज्य मुनिराजों का पाद प्रक्षालन करते हुए शास्त्रादि भेंट किए। धर्म सभा को पूज्य मुनिराज विलोकसागर, मुनिश्री विवोध सागर, मुनिश्री निश्चल सागर महाराज ने सभी को धर्मवृद्धि का आशीर्वाद प्रदान किया।

आगरा की ओर हुआ मंगल पद विहार

आचार्यश्री विद्यासागर महाराज के शिष्य मुनिश्री सौम्य सागर महाराज एवं मुनिश्री निश्चल सागर महाराज को ग्वालियर से पद विहार करते हुए अल्प प्रवास पर मुरैना आगमन हुआ। रात्रि विश्राम बड़े जैन मंदिर में हुआ। प्रातः पूज्य मुनिराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए सभी को धर्मवृद्धि का आशीर्वाद दिया। शाम को शंका समाधान कार्यक्रम के पश्चात पूज्यश्री ने आगरा की ओर मंगल विहार किया।

मुनिश्री विलोक सागर का टिकटोली की ओर विहार

नगर में लगभग 40 दिन से धर्म प्रभावना कर रहे मुनिश्री विलोक सागर एवं मुनिश्री विबोध सागर ने अतिशय क्षेत्र टिकटोली की ओर मंगल पद विहार किया। अतिशय क्षेत्र टिकटोली के अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी ने अतिशय क्षेत्र कमेटी के साथ पूज्य युगल मुनिराजों को श्रीफल भेंट कर टिकटोली आगमन के लिए निवेदन किया था। मंगलवार को आज युगल मुनिराजों ने जौरा की ओर पद विहार किया। संभावना व्यक्त की जा रही है कि मुनिराज अतिशय क्षेत्र की वंदना हेतु ही पद विहार कर रहे हैं।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
4
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page