मुरैना के बड़े जैन मंदिर में मुनिश्री विलोक सागरजी ने प्रवचन में कहा कि इच्छाओं पर नियंत्रण और आत्म संयम ही उत्तम तप धर्म है। पर्यूषण पर्व के अंतिम दिन अनंत...
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जैन संतों साध्वियों की चर्या बहुत ही कठिन और कष्ट साध्य है। यहां तक कि वे अपने सिर, दाढ़ी, मूंछों के वालों को भी हाथ से उखाड़कर फैंकते हैं। नगर में चातुर्मासरत...
मुनिराजश्री विलोक सागर एवं मुनिश्री विबोध सागर के पावन सान्निध्य में प्रातःकालीन वेला में भगवान नेमिनाथ का स्वर्ण कलशों से महामस्तकाभिषेक किया गया। प्रथम...
बड़े जैन मंदिर जी में चातुर्मास के लिए विराजमान मुनिराजश्री विलोक सागर एवं मुनिश्री विबोधसागर महाराज की मंगल प्रेरणा एवं आशीर्वाद से मुनिराजों के पावन मंगल...
टिकटोली जैन तीर्थ को मुनिश्री विलोक सागर महाराज ने एक अलौकिक अतिशय क्षेत्र बताते हुए कहा कि यह पावन भूमि “जंगल में मंगल” की भावना को साकार करती है। क्षेत्र का...
जिस नगर में आचार्यश्री भगवान विद्यासागर जी महाराज के चरण पड़े हांे, वो नगर एक तीर्थ के समान हैं। इतना ही नहीं गुरुदेव के कर कमलों से यहां श्री मानस्तंभ की प्राण...
श्रुत पंचमी महोत्सव के पावन पर्व पर जिनवाणी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। जैन ग्रंथों एवं मां जिनवाणी को चांदी की पालकी में विराजमान किया गया। मां जिनवाणी की...
एक्यूप्रेशर चिकित्सा शिविर बड़े जैन मंदिर के ज्ञान सेवा सदन जैन धर्मशाला में 21 मई तक चलेगा। प्रातः 9 बजे से 11 बजे तक एवं शाम 5 बजे से रात्रि 9 बजे तक उपस्थिति...








