भगवान महावीर समवशरण मंदिर की 31 वर्षगांठ धार्मिक उल्लास के साथ मनाई गई। मंगलवार सुबह मंदिर में विशेष शांति धारा और अभिषेक किया गया। नौगामा से पढ़िए, सुरेशचंद्र गांधी की यह खबर…
नौगामा। नगर में स्थित भगवान महावीर समवशरण मंदिर की 31 वर्षगांठ धार्मिक उल्लास के साथ मनाई गई। मंगलवार सुबह मंदिर में विशेष शांति धारा और अभिषेक किया गया। विधानाचार्य रमेशचंद्र गांधी, संस्कार शिविर में आए श्रमण संस्कृति संस्थान जयपुर से अमन शास्त्री, समकित शास्त्री, दृष्टि दीदी, वीना दीदी, सम्यक शास्त्री आदि के सानिध्य में मंत्र उच्चारण के साथ समवशरण में स्थित चार मानस स्तंभ की 16 प्रतिमा वेदी पर स्थित भगवान महावीर स्वामी के प्रतिमा पाटे विराजमान कर सामूहिक रूप से 108 कलशों से सामूहिक रूप से भक्ति भाव के साथ अभिषेक किया और शांति धारा की गई। प्रथम अभिषेक करने का सौभाग्य पंचोली केसरीमल शांतिलाल, पिंडारमियां मोहनलाल मीठालाल, गांधी मनीषकुमार, गांधी दिलीपकुमार, गांधी अतिवीर अतिशय राजेंद्र को प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर नमन भैया ने पंच कल्याण प्रतिष्ठा एवं समवशरण की महिमा बताइ। इस अवसर पर महिला मंडल की ओर से वाद्य यंत्रों के मधुर स्वर लहरों के साथ शांति विधान के 64 अर्घ्य चढाए। इस अवसर पर पंचोरी भरत कुमार, रतनलाल गांधी, सुभाष नानावटी, एडवोकेट महेंद्र गांधी, आशीष जैन, खुशपाल, नरेंद्र जैन, रामलाल गांधी, राजेश पंचोरी, ध्रुव पंचोली, आगम पंचोली ने सहयोग प्रदान किया।













Add Comment