कोकापुर में भगवान शांतिनाथ जिनबिम्ब और जिन मंदिर का पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव 28 मई से 2 जून तक होगा। आचार्य श्री सुनील सागरजी महाराज ससंघ के सानिध्य में सभी कल्याणक महोत्सव होंगे। कार्यक्रम की समस्त तैयारियां की जा रही है। सागवाड़ा से पढ़िए, यह खबर…
सागवाड़ा। समीपवर्ती कोकापुर गांव में सकल दशा हूमड दिगंबर जैन समाज द्वारा श्वेत मार्बल पाषाण से नवनिर्मित शिखरबद्ध जिनालय का पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव 28 मई से 2 जून आचार्यश्री सुनील सागरजी महाराज ससंघ के सानिध्य में होगा। छःदिवसीय पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव प्रतिष्ठाचार्य महावीर जैन, प्रतिष्ठाचार्य विनोद पगारिया विरल और ब्रह्माचारी विनय शास्त्री के तत्वावधान में संपन्न होगा। प्रतिष्ठाचार्य विनोद पगारिया ने बताया कि जैन आगम की वर्तमान चौबीसी के सोलहवें तीर्थंकर भगवान शांतिनाथ को समर्पित इस जिनालय के पंच कल्याणक का शुभारंभ 28 मई को प्रातः ध्वजारोहण के साथ होगा। साथ ही भगवान शांतिनाथ के गर्भ कल्याणक का पूर्व रूप प्रस्तुत किया जाएगा। जिसमें तीर्थंकर माता के 16 सपनों का प्रस्तुतिकरण होगा। 29 मई को गर्भ कल्याणक उत्तर रूप अष्ट कुमारी देवियों द्वारा जगत जननी ऐरा देवी माता की सेवा की जाएगी। 30 मई को भगवान के जन्म कल्याणक अवसर पर पांडूक शिला पर तीर्थंकर भगवान शांतिनाथ का जन्माभिषेक किया जाएगा। साथ ही सांयकाल बालक तीर्थंकर का पालना झुलाया जाएगा।
प्रतिष्ठेय प्रतिमाओं के दीक्षा संस्कार होंगे
31 मई को तप कल्याणक अवसर पर आचार्य श्री सुनील सागरजी महाराज द्वारा सभी प्रतिष्ठेय प्रतिमाओं के दीक्षा संस्कार किए जाएंगे तथा मुनिराज अवस्था नामकरण विधि कर पिच्छी कमंडल प्रदान किए जाएंगे। 1 जून को प्रातः ज्ञान कल्याणक अवसर पर तीर्थंकर महा मुनिराज की आहारचर्या होगी। वहीं दोपहर मंे अंकन्यास, नयनोन्मिलन, तिलकदान विधि के साथ सूरि मंत्रांे के आलोक मंे सभी प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा आचार्य संघ द्वारा की जाएगी।
भव्य 12 सभा युक्त समवशरण की रचना की जाएगी
सांय कैवल्य ज्ञान उत्पत्ति के बाद भव्य 12 सभा युक्त समवशरण की रचना की जाएगी। जिसमें भगवान शांतिनाथ के गणधर के रूप मंे आचार्य सुनील सागरजी महाराज द्वारा भगवान की दिव्य देशना प्रसारित होगी। साथ ही 46 दीपकों से समवशरण की आरती होगी। महोत्सव के अंतिम दिन 2 जून को मोक्ष कल्याणक के अवसर पर प्रातः भगवान के मोक्ष गमन पर निर्वाण लाडू चढाया जाएगा। विश्व शांति कामनार्थ सर्व शांति महायज्ञ की पूर्णाहूति के साथ कार्यक्रम स्थल से मंदिर तक शोभायात्रा के साथ मंदिर मंे नूतन वेदी पर मूलनायक भगवान शांतिनाथ और अन्य जिन बिम्बों की स्थापना की जाएगी। साथ ही जिनालय शिखर पर कलश व ध्वजदंड स्थापना के साथ प्रतिष्ठा महोत्सव होगा। प्रतिष्ठा महोत्सव को सफल बनाने हेतु समाज जनों द्वारा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।













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