मुनिश्री विशेष सागरजी महाराज को श्री विराग सागरजी की प्रतिमा गुरु मंदिर के समक्ष नव पट्टाचार्य आचार्यश्री विशुद्ध सागरजी के द्वारा उपाध्याय पद के संस्कार प्रदान किये गए। यह संस्कार नवनिर्मित तीर्थ पर जिनबिम्ब पंचकल्याणक महामहोत्सव में दर्जनों मुनि एवं आर्यिका संसघ में उपाध्याय की पदवी प्रदान की। पढ़िए जालना से राजेश जैन दद्दू की यह पूरी खबर….
जालना। जिनबिम्ब पंचकल्याणक महामहोत्सव में समाधिष्ट परम पूज्य राष्ट्र संत गणाचार्य विराग सागरजी महाराज के द्वारा घोषित किए गए। ’मुनिश्री विशेष सागरजी महाराज को आज विराग अक्षय समाधि तीर्थ पर गणाचार्य श्री विराग सागरजी की प्रतिमा गुरु मंदिर के समक्ष नवपट्टाचार्य आचार्यश्री विशुद्ध सागरजी के द्वारा उपाध्याय पद के संस्कार प्रदान किये गए। यह संस्कार महोत्सव जालना में विराग अक्षय नवनिर्मित तीर्थ पर जिनबिम्ब पंचकल्याणक महामहोत्सव में दर्जनों मुनि एवं आर्यिका संसघ में उपाध्याय की पदवी प्रदान की।
नमोस्तु शासन को जयवंत करते रहे
आप के उपाध्याय बनने पर इंदौर दिगम्बर जैन समाज ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए भावना भाई समाज के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ जैनेन्द्र जैन, महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित कासलीवाल फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेन्द्र कांसल, हंसमुख गांधी, टीके वेद, सुशील पांड्या ने कहा कि आप इसी तरह मोक्ष मार्ग पर निरंतर बढ़ते हुए नमोस्तु शासन को जयवंत करते रहे।













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