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29 मार्च शनिश्चरी अमावस्या पर सूर्य ग्रहण: शनि का परिवर्तन बनाएगा रंक से राजा 


29 मार्च को सूर्य ग्रहण होने से इसके प्रभाव और इससे होने वाले नफा-नुकसान के बारे में ज्योतिषाचार्य बता रहे हैं। शनि ग्रह कर्म फल दाता कहलाता है। इसे न्याय का देवता भी कहा गया है। इसकी वक्र दृष्टि से सभी बचना चाहते हैं। इसी बात को जानने के लिए पढ़िए मुरैना से मनोज जैन नायक की यह खबर…


मुरैना। शनि ग्रह का नाम सुनते ही लोगों में घबराहट हो जाती है। किंतु शनि ग्रह इतना अशुभ नहीं है, जितना उसे लोगों ने मान रखा है। शनि ग्रह को कर्म फल दाता और न्याय का देवता कहलाता है। अगर व्यक्ति की कुंडलियों और हस्तरेखा में शनि बलशाली हैं तो वह व्यक्ति को रंक से राजा बना देता है। जितने भी व्यक्ति उच्च पदों पर पहुंचे हैं वह सभी या तो शनि की साढ़े साती या शनि की महादशा-अंतर्दशा में पहुंचे हैं। वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन ने बताया की शनि एक राशि में ढाई वर्ष अर्थात 30 महीने रहता है। अभी शनि अपने ही घरों में मकर राशि में ढाई वर्ष, फिर कुंभ राशि में ढाई वर्ष चला। इस प्रकार कुल 5 वर्ष शनि अपने ही घरों में रहा था। इस समय जगत में कई उतार-चढ़ाव के साथ कोरोना जैसी महामारी से भी जूझना पड़ा था। अब शनि गुरु की मीन राशि में शनिवार को रात्रि 9.41 बजे कुंभ राशि से निकलकर शनिवार, शनिश्चरी अमावस्या के दिन मीन राशि में प्रवेश करेगा और वह ढाई वर्ष इसी गुरु की मीन राशि में रहेगा। इस दिन से मकर राशि से शनि की साढे़ साती समाप्त हो जाएगी और कुंभ राशि वालों की आखिरी साढ़े साती चलेगी। मीन राशि वालों पर हृदय पर बीच की साढ़े साती मेष राशि वालों पर सिर से साढ़े साती साढ़े सात वर्ष चलेगी। जैन के अनुसार इसी के साथ वृश्चिक राशि और कर्क राशि वालों से शनि की ढैया समाप्त होगी। उनके स्थान पर सिंह राशि, धनु राशि वालों पर शनि की ढैया प्रारंभ होगी।

खास असर व्यक्ति के जीवन पर छोड़ता है शनि 

शनि न्याय प्रिय ग्रह है। यदि जन्मपत्री या हस्तरेखा में शुभ स्थिति में बैठा है तो निश्चित ही व्यक्ति को अपनी साढ़े साती, ढैया या महादशा में रंक से राजा बना देता है और यदि खराब स्थिति में बैठा हो तो वह व्यक्ति के पूर्व जन्मों के कर्मों का हिसाब कर उसे काफी दुःखी करता है, बेचौन करता है, अशांत करता है, निर्धन बना देता है और यहां तक की राजा से रंक तक बना सकता है । जेल और बंधन करा सकता है। शनि ग्रह की सभी ग्रहों से धीमी चाल होने के कारण एक राशि में ढाई वर्ष रहने के कारण यह अपना अच्छा और बुरा खास असर व्यक्ति के जीवन पर छोड़ता है।

भारत में नहीं दिखेगा सूर्यग्रहण

जैन ने बताया कि 29 मार्च शनि अमावस्या के दिन इस बार सूर्य ग्रहण भी है। यह ग्रहण मीन राशि में पड़ेगा और शनि भी मीन राशि में प्रवेश करेगा। शनि का साढ़े साती भी मीन, कुंभ और मेष राशि वालों का रहेगा। इसलिए इस दिन कुंभ मीन और मेष राशि वालों को विशेष ग्रहण वाले दिन पूजा, पाठ, स्नान, दान करना चाहिए। हालांकि यह सूर्य ग्रहण यूरोप, उत्तरी रूस, उत्तरी पश्चिमी अफ्रीका में दिखाई देगा। भारतीय स्टैंडर्ड समय के अनुसार दोपहर 2.21 बजे पर स्पर्श, 4.17 बजे पर मध्य और 6.14 बजे पर ग्रहण का मोक्ष होगा। किंतु यह भारत में दिखाई ना देने के कारण इसके सूतक-पातक और धार्मिक मान्यता नियम मान्य नहीं है। शनि के मीन राशि में प्रवेश करने से महंगाई बढ़ेगी। गेहूं ,चना, जो, चावल आदि अनाजांे तुअर, मूंग, मोठ, उड़द, आदि दलहन, तिल, सरसों, मूंगफली आदि तिलहन और सोने, चांदी, तांबा आदि धातुएं में महंगाई चरम पर होगी। जिन राशि वालों व्यक्तियों को शनि की साढ़ेसाती, ढैया, महादशा चलेगी वे शनि ग्रह से पीड़ा की शांतियार्थ इस अमावस्या को उपाय अवश्य करें।

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