आचार्यश्री सन्मति सागरजी के शिष्य आचार्यश्री सुंदर सागरजी का धर्म नगरी धरियावद में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। सागवाड़ा में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के पश्चात वहां से विहार करते हुए नयागांव गामड़ी से धरियावद पहुंचे। बैंड-बाजों और जुलूस के साथ समाज के लोगों ने आचार्य श्री और जैन धर्म की जयकारों के साथ भव्य अगवानी की। पढ़िए धरियावद से अशोक कुमार जेतावत की यह पूरी खबर…
धरियावद। तपस्वी सम्राट आचार्यश्री सन्मति सागरजी महाराज के शिष्य दिव्य तपस्वी आचार्यश्री सुंदर सागरजी महाराज का शनिवार को धर्म नगरी धरियावद में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। आचार्य संघ सागवाड़ा में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के पश्चात वहां से विहार करते हुए नयागांव गामड़ी-निठाऊवा, पारसोला, मांडवी मार्ग से मऊ अतिशय क्षेत्र होते हुए शनिवार प्रातः 9 बजे धरियावद पहुँचे। लसाड़िया चौराहे की तरफ से बैंड-बाजों और जुलूस के साथ समाज के लोगों ने दिव्य तपस्वी आचार्य श्री और जैन धर्म की जयकारों के साथ भव्य अगवानी की।
पाद प्रक्षालन व परिक्रमा कर चरण वंदना की
भक्तों ने आचार्यश्री के चरणस्पर्श कर दर्शन लाभ प्राप्त कर आशीर्वाद प्राप्त किया। जुलूस वहां से सलूंबर रोड, हॉस्पिटल, पुराना बस स्टैंड, सब्जी मंडी, सदर बाजार, होली चौक, केसरियाजी मंदिर, कबूतर खाना होते हुए रत्नत्रय भवन पहुँचा। यहां पर आचार्यश्री सुंदर सागरजी ने अपने संघ सहित आचार्यश्री वर्धमान सागरजी का पाद प्रक्षालन और परिक्रमा करते हुए चरण वंदना की। इसके पश्चात सभी मुनि आर्यिका संघों की आहारचर्या संपन्न हुई।













Add Comment