अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में गो हत्या रोकने पर चर्चा हुई इसमें मुनिश्री प्रणम्य सागरजी ने भी अपनी चिंता जताई। इसमें देश-विदेश के विद्वान और छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं। जिन्हें गो संरक्षण की शपथ दिलाई। पढ़िए आगरा से यह खबर…
आगरा। डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, ओं अर्हम सोशल वेलफेयर फाउंडेशन, गुरुकुल यूके लंदन, अखिल विश्व हिंदी समिति कनाडा एवं कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी हिंदी तथा भाषा विज्ञान पीठ के तत्वावधान में आगरा स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के केएमआई विभाग के सभागार में आयोजित हुई। संगोष्ठी में दूसरे दिन गो हत्या रोकने पर चर्चा की गई। अर्हम ध्यान योग प्रणेता मुनिश्री प्रणम्यसागरजी महाराज ने वीडियो जारी कर पूरे विश्व में गो संरक्षण किए जाने की मांग की।
मुनि श्री ने जताई चिंता
मुनिश्री ने गो हत्या पर चिंता जताई और सरकार से गो संरक्षण की मांग की। गोमांस की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाए जाने की अपील की।
पंच गव्य की उपयोगिता बताई
गाय के दूध से बने उत्पादों जैसे दूध, घी, दही, पनीर आदि की ब्रांडिंग की जाए। साथ ही उन्हें विश्व स्तरीय पहचान दिलाई जाए। संगोष्ठी में शिक्षाविदों ने छात्रों को पंचगव्य की उपयोगिता बताई।
गो रक्षण की शपथ दिलाई
गाय के दूध का सेवन करने से होने वाले फायदों के बारे में जानकारी दी। बताया गया कि गाय का दूध और घी अमृत के समान होता है। इसका सेवन करने से गंभीर बीमारियों की रोकथाम की जा सकती है। इस मौके पर छात्रों को गो रक्षण की शपथ भी दिलाई गई।
संविधान की दी जानकारी
छात्रों को गाय के गोबर और मूत्र की उपयोगिता के बारे में भी बताया गया। संगोष्ठी के दौरान छात्रों में उत्साह नजर आया। इस संगोष्ठी में शामिल हुए छात्रों को संविधान के बारे में भी जानकारी दी गई।
वेद और पुराणों की भी जानकारी दी।
संगोष्ठी में वेद, पुराण की उपयोगिता भी समझाई गई। वेद और पुराण भारतीय संस्कृति के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं। इसकी जानकारी भी संगोष्ठी में मौजूद छात्रों को दी गई।
राज्यों व देश-विदेश के शिक्षाविदों की उपस्थिति
प्रवक्ता शुभम जैन ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में अमेरिका, लंदन, कनाडा समेत देश के अन्य राज्यों से आए शिक्षाविदों ने उपस्थिति दर्ज कराई। संगोष्ठी को लेकर सभी उत्साहित नजर आए। इस संगोष्ठी का संचालन प्रोफेसर डॉ. वर्षा रानी ने किया। इस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय विद्वत् संगोष्ठी मंगलवार शाम को संपन्न हुई।













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