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महाअनुष्ठान के प्रणेता परम पुज्य मुनिश्री प्रमाण सागर महाराज ने कहा कि अद्वितीय आयोजन में मां अहिल्या की नगरी इंदौर में इतिहास रचेगा : सिद्धचक्र महामंडल विधान के समापन अवसर पर 15 नवंबर को अनूठी रथयात्रा निकलेगी


इंदौर में चल रहे सिद्धचक्र महामंडल विधान के समापन अवसर पर 15 नवंबर को मां अहिल्या की नगरी में अनूठी रथयात्रा (रथावर्तन) प्रथम बार निकलेगी। अनूठी रथ यात्रा इसलिए क्योंकि यह यात्रा 108 रथों पर श्रीजी विराजमान कर निकलेगी। इसके लिए मध्यप्रदेश के प्रमुख राज्यों से रथ बुलवाए गए हैं। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की एक रिपोर्ट…


इंदौर। 108 सिद्धचक्र महामंडल विधान पर कई प्रांतों से इंदौर पहुंचेंगे विभिन्न रथ, इनमें 2 स्वर्णरथ और 35 से अधिक रजत रथ चांदी के, इनमें कई तो 150 साल पुराने रथ हैं। रथावर्तन के लिए बिहार, गुजरात, राजस्थान, यूपी सहित अन्य प्रदेशों से रथ इंदौर नगर के लिए रवाना भी हो चुके हैं जो अगले तीन-चार दिनों में इंदौर नगर पहुंच जाएंगे। इंदौर में चल रहे सिद्धचक्र महामंडल विधान के समापन अवसर पर 15 नवंबर को मां अहिल्या की नगरी में अनूठी रथयात्रा (रथावर्तन) प्रथम बार निकलेगी। अनूठी रथ यात्रा इसलिए क्योंकि यह यात्रा 108 रथों पर श्रीजी विराजमान कर निकलेगी। इसके लिए मध्यप्रदेश के प्रमुख राज्यों से रथ बुलवाए गए हैं। जो रथ इंदौर आ रहे हैं उनमें दो स्वर्ण और 35 से ज्यादा रजत चांदी के हैं। इन रथों में 150 साल पुराने रथ भी हैं। जो कंई विशेषताओं से सुसज्जित है कुछ की ऊंचाई 10 से 20 फीट तक तक है।

संभवतः यह पहला मौका है जब देश के अलग-अलग हिस्सों से इतने अधिक रथ एक साथ इंदौर शहर में आएंगे। रथावर्तन यात्रा में इतने रथों को प्रदेशभर से बुलवाने को लेकर अनुष्ठान के प्रणेता परम पुज्य मुनिश्री प्रमाण सागर महाराज ने बताया कि 108 सिद्धचक्र महामंडल विधान संस्कृत का अद्वितीय आयोजन है। इस तरह का अनुष्ठान पहली बार हो रहा है। शहर में इतना विशेष आयोजन हो रहा है तो धर्म प्रभावना समिति के सभी प्रमुख सदस्यों ने तय किया कि 108 रथ यात्रा निकाली जाए। मां अहिल्या की नगरी इंदौर ने हमेशा इतिहास रचा है। 108 रथ का इतिहास भी इंदौर में बने, इसलिए देशभर से विभिन्न रथ बुलवाएं गए हैं। इंदौर आने के बाद इन्हें आयोजन स्थल विजयनगर में एक स्थान पर सुरक्षित रखा जाएगा।

एक महीने पहले शुरू की तैयारी, देशभर से बुलवाए रथ

धर्म प्रभावना समिति के अंतर्गत एक माह से आयोजन की तैयारी चल रही है। सकल दिगंबर जैन समाज, धर्म प्रभावना समिति के प्रमुख रानी अशोक डोसी, आनंद नवीन गोधा, राहुल जैन, हर्ष जैन और रथयात्रा संयोजक जैनेश झांझरी ने बताया कि रथों को देशभर से बुलवाने के लिए एक महीने पहले से तैयारियां शुरू हो गई थी। जहां-जहां रथ थे, वहां बात की गई। बातचीत कर सूची तैयार की गई। मध्यप्रदेश के नेमीनगर बंडा से सबसे ज्यादा 30 रथ एकसाथ आ रहे हैं। इसके अलावा अन्य शहरों-जिलों के रथ भी आ रहे हैं। सभी रथ अलग- अलग हिस्सों से रवाना हो गए हैं।

समाजजनों ने यात्रा में शामिल होने के लिए किया आह्वान

समाज के वरिष्ठ जनों ने महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित कासलीवाल फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश विनायका, हंसमुख गांधी, टीके वेद, डॉ जैनेन्द्र जैन, भरत मोदी, राजीव जैन, बंटी सुशील पांड्या, भुपेंद्र जैन, विपुल बांझल, संजय कासलीवाल, धर्मेन्द्र जैन, सिनकेंम पवन सिघंई, परवार समाज महिला संगठन की अध्यक्ष श्रीमती मुक्ता जैन, सारिका जैन, सीमा रावत आदि समाज जन ने आह्वान किया है कि इस विशाल रथावर्तन यात्रा में परिवार सहित सम्मिलित हो और धर्म प्रभावना को सफल बनाएं।

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