समाचार

जैन दर्शन ज्ञान शिक्षण प्रशिक्षण शिविर का परीक्षा के साथ हुआ समापन परिणाम की घोषणा और पारितोषिक वितरण होगा 1 मई को


श्री चंद्रप्रभ दिंगबर जैन मंदिर में वात्सल्य वारिधि दिगंबर जैनाचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज के शिष्य युगल मुनि श्री अपूर्व सागर जी, मुनि श्री अर्पित सागर जी, क्षुल्लक श्री महोदय सागर जी महाराज ससंघ सान्निध्य एवं निर्दशन में चल रहे चार दिवसीय जैन दर्शन ज्ञान शिक्षण प्रशिक्षण शिविर का चौथे दिन लिखित एवं मौखिक परीक्षा के साथ मंगलवार को समापन हो गया ।पढि़ए अशोक कुमार जेतावत की रिपोर्ट ……


धरियावद। श्री चंद्रप्रभ दिंगबर जैन मंदिर में वात्सल्य वारिधि दिगंबर जैनाचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज के शिष्य युगल मुनि श्री अपूर्व सागर जी, मुनि श्री अर्पित सागर जी, क्षुल्लक श्री महोदय सागर जी महाराज ससंघ सान्निध्य एवं निर्दशन में चल रहे चार दिवसीय जैन दर्शन ज्ञान शिक्षण प्रशिक्षण शिविर का चौथे दिन लिखित एवं मौखिक परीक्षा के साथ मंगलवार को समापन हो गया।

श्री दिगंबर जैन दशा हुमड़ समाज द्वारा आयोजित इस शिविर में पूज्य मुनि श्री अपूर्व सागर जी महाराज ने द्रव्य संग्रह का, पूज्य मुनि श्री अर्पित सागर जी महाराज ने छह ढाला, पूज्य क्षुल्लक श्री महोदय सागर जी महाराज ने जैन धर्म प्रवेशिका भाग-2 और ब्रह्मचारी नमन भैया ने जैन धर्म प्रवेशिका भाग-1 का शिक्षण प्रशिक्षण करवाया।27 से 30 अप्रैल 2024 तक चले इस शिविर में मंगलवार दोपहर बाद 3 से 4 बजे तक शिक्षण प्रशिक्षण शिविर की मौखिक एवं लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया।इसमें 140 शिविरार्थियों ने परीक्षा दी।17 बालक-बालिकाओं ने मौखिक और 123 बच्चों, महिलाओं एवं पुरुषों ने लिखित परीक्षा में भाग लिया।

परिणाम घोषणा और पारितोषिक वितरण

पूज्य मुनि श्री अपूर्व सागर जी, मुनि श्री अर्पित सागर जी, क्षुल्लक श्री महोदय सागर जी महाराज ससंघ सान्निध्य एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पंडित हंसमुख जैन के निर्देशन में ब्रह्मचारी नमन भैया, प्रतिष्ठाचार्य पंडित विशाल जैन, सुरेश कुमार पचौरी, अशोक कुमार जेतावत, सक्षम जैन, छोटू जैन आदि ने परीक्षा आयोजन में अपना सहयोग प्रदान किया। मंगलवार को आयोजित हुई परीक्षा का बुधवार प्रातः 8 बजे धर्मसभा में परिणाम जारी कर पारितोषिक वितरण समारोह का आयोजन श्री चंद्रप्रभ दिगंबर मंदिर में सभा स्थल पर होगा।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
2
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page