नगर के ब्रह्मचारी रविन्द्र आत्मन अब सांसारिक मार्ग को छोड़कर भक्ति और संयम मार्ग की ओर बढ़ चले हैं और सारे भौतिक और संस्सारिक सुखों को त्याग कर उन्होंने अपने घर से आखिरी विदाई ली। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…
महरौनी (ललितपुर)। नगर के ब्रह्मचारी रविन्द्र आत्मन अब सांसारिक मार्ग को छोड़कर भक्ति और संयम मार्ग की ओर बढ़ चले हैं और सारे भौतिक और संस्सारिक सुखों को त्याग कर उन्होंने अपने घर से आखिरी विदाई ली। ब्रह्मचारी रविन्द्र आत्मन आगामी 22 फरवरी को रतलाम शहर में आचार्य विशुद्ध सागर महाराज से दीक्षा ग्रहण करेंगे। मंगलवार को ब्रह्मचारी रविन्द्र आत्मन की घर निकासी की रस्म निभाई गई, घर निकासी के पूर्व ब्रह्मचारी रविन्द्र आत्मन ने तीर्थ क्षेत्र बंधाजी और नवागढ के दर्शन किए और वहां की कमेटी ने उनका स्वागत सम्मान किया। घर निकासी के समय सैकड़ों की संख्या में महिला, पुरुष उपस्थित थे, सबकी आंखों में विदाई के आंसू थे। पूरे नगर ने भक्ति के मार्ग पर अग्रसर भैयाजी को नम आंखों से विदाई दी।
ब्रह्मचारी रविन्द्र आत्मन पिछले 20 साल से संयम का जीवन बिता रहे थे। गृह त्याग कर संन्यास धारण करने के इस निर्णय से परिजनों में दुख तो बहुत था लेकिन प्रभु की इच्छा मानकर वे इसके लिए राजी हो गए। आखिरी विदाई में नगर के हर समाज के लोगों ने अपनी भागेदारी निभाई और नम आंखों से विदाई दी। एक शोभायात्रा के रूप में उनको छोड़ने के लिए जनसमूह उमड़ पड़ा और नगर में हर जगह लोगों ने उनसे मिलकर उनका चरण वंदन किया। शोभायात्रा में नगर पंचायत प्रतिनिधि दुष्यंत बड़ोनिया, संजय पांडेय भारत, कुलदीप खरे, पप्पी राजा, सुरेश जोशी, गुड्डू राजा, उदयभान सिंह, सरदार गुरुप्रीत सिंह राजू,अभय दुबे, जगदीश पुरोहित, अंजनी द्विवेदी, सूर्य प्रताप जमींदार, ब्रजेश अहिरवार, नरेंद्र साहू, रवि राजा, पूरन पाटकार, इकबाल खां, मकबूल खां, सुरेश जोशी, रामदास लक्ष्यकार, राघवेन्द्र सिंह, आशीष सेन, भगवत रैकवार, नितिन नामदेव, सनी, आशीष साहू, पुनीत पाटकार, रनजीत लक्ष्य कार सहित सकल दिगम्बर जैन समाज उपस्थित रहे। अंत में अभिषेक सिंघई ने सभी का आभार व्यक्त किया।













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