पत्रकारिता का कार्य दुष्कर जोखिम भरा समाजसेवा का है। वह अंधेरे के बाद उजाला रूपी सच सामने लाने का कार्य करता है जिसके लिए अपने आपको समर्पित होना पड़ता है। समाचार एक प्रस्तुतिकरण है। कोई घटना कब कहां और कैसे हुई यदि समाचार में बताया है, तो वही समाचार पूर्ण होता है। गणेश शंकर विद्यार्थी पत्रकार भवन समाजसेवी बाबू ज्ञानचंद अलया जन्मशताब्दी समारोह में पत्रकारिता प्रशिक्षण कार्यशाला में उक्त विचार प्रेस काउन्सिल ऑफ इण्डिया के सदस्य बलदेव प्रसाद गुप्ता दिल्ली ने व्यक्त किए। पढ़िए राजीव सिंघाई की रिपोर्ट…
ललितपुर। पत्रकारिता का कार्य दुष्कर जोखिम भरा समाजसेवा का है। वह अंधेरे के बाद उजाला रूपी सच सामने लाने का कार्य करता है जिसके लिए अपने आपको समर्पित होना पड़ता है। समाचार एक प्रस्तुतिकरण है। कोई घटना कब कहां और कैसे हुई यदि समाचार में बताया है, तो वही समाचार पूर्ण होता है।
गणेश शंकर विद्यार्थी पत्रकार भवन समाजसेवी बाबू ज्ञानचंद अलया जन्मशताब्दी समारोह में पत्रकारिता प्रशिक्षण कार्यशाला में उक्त विचार प्रेस काउन्सिल ऑफ इण्डिया के सदस्य बलदेव प्रसाद गुप्ता दिल्ली ने व्यक्त करते हुए कहा कि पत्रकारिता एक मिशन है। उन्होंने गणेश शंकर विद्यार्थी एवं विष्णु पडागर के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। गुप्ता ने पत्रकारों द्वारा उठाए प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि अपनी लेखनी को निष्पक्ष बनाए रखने की महती आवश्यकता है।
मीडिया की समाज में बड़ी भूमिका
कार्यक्रम का शुभारम्भ सुपरमार्केट स्थित चिन्तनपार्क में समाजसेवी बाबू ज्ञानचंद अलया की मूर्ति पर माल्र्यापण के उपरान्त पत्रकार भवन में अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी के चित्र पर पुष्पांजलि से हुआ। नीलांजना अलया ने बाबूजी के व्यक्तित्व को काव्यमय प्रस्तुति में ढाला। कार्यशाला में सीमा ओझा डिप्टी डायरेक्टर सूचना प्रसारण मंत्रालय ने पत्रकारिता की बारीकियों एवं समाचार लेखन के बिन्दुओं पर प्रकाश डाला और कहा कि मीडिया की समाज में महती भूमिका है। वह समाज और शासन के बीच सेतु का कार्य करती है और अन्तिम व्यक्ति की आवाज जन-जन के बीच शासन- प्रशासन तक पहुंचती है। वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण जैन सम्पादक विश्व परिवार ने पत्रकारिता के कार्य को जोखिम भरा बताते हुए कहा कि नवोदित पत्रकार समाचार प्रस्तुतिकरण को सीखें। इसके लिए ऐसी कार्यशाला की आवश्यकता है।

बहुमुखी प्रतिभा के धनी
सिद्धि समूह के चैयरमेन भूपेन्द्र जैन ने समाजसेवी बाबू ज्ञानचंद अलया की निष्पक्ष पत्रकारिता को आदर्श बताते हुए कहा कि वह बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। इस मौके पर वक्ताओं ने बाबू ज्ञानचंद अलया को सच्चा समाजसेवी व कलम का सिपाही बताते हुए पत्रकारिता के लिए आदर्श बताया। उन्होंने अपने विचारों में शेर-शायरियों के माध्यम से वर्तमान परिवेश की दशा पर चित्रण किया। उनके जीवन में किसी का बुरा करना उनके कभी भी मानस पटल पर अंकित नहीं हुआ, उनका वात्सल्य व सद्भावना का समावेश उनके जीवनचर्या की पूंजी रही। विनयांजलि सभा में प्रेस क्लब संरक्षक सुरेन्द्र नारायण शर्मा, संतोष शर्मा प्रेस क्लब महामंत्री अन्तिम जैन पारौल, उत्तमसिंह चैहान, मनमोहन जडिया, शीलचंद नजा, अवधविहारी कौशिक, जयशंकर प्रसाद द्विवेदी, रवि चुनगी, डॉ. हुकुमचंद पवैया, अजय बरया, घनश्याम दास सैन आदि ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रेस क्लव अध्यक्ष राजीव बबेले सप्पू ने पत्रकारिता प्रशिक्षण कार्यशाला को उपयोगी बताया। इस दौरान आमंत्रित अतिथियों के अतिरिक्त नगरपालिका अध्यक्ष सरला जैन के प्रतिनिधि विवेक जैन को सम्मानित किया गया। जन्म शताब्दी पर विश्व परिवार द्वारा बाबू श्री ज्ञानचंद अलया की स्मृति में विशेषांक का लोकार्पण मंचासीन अतिथियों द्वारा किया गया।

ये रहे मौजूद
इस मौके पर प्रमुख रूप से अपर आयुक्त आयकर अंकुर अलया, डिप्टी कमिश्नर जीएसटी दिनेश कुमार, असि. कमिश्नर पवन कुमार, सीटीओ प्रदीप सिंह, पार्षद आलोक मयूर, कुन्दन पाल, महेश श्रीवास्तव, अनुराग जैन शैलू, डॉ. निर्मल चंद जैन, डॉ. सौरभ देवलिया, डॉ. अक्षय टडैया,अजय श्रीवास्तव, विनीत चतुर्वेदी, अजित भारती, रवीन्द्र दिवाकर, राहुल जैन, अभिषेक अनौरा, शत्रुधन शुक्ला, विनोद कामरा, सुरेश वडैरा आदि द्वारा सम्मानित किया गया। आभार अनिल-अजय अलया द्वारा व्यक्त किया गया।
निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए आदर्श रहे बाबूजी-सुनील भराला
सायंकाल अन्नपूर्णा भोजनशाला जिला अस्पताल में जन्मशताब्दी समारोह का शुभारम्भ उ.प्र. श्रमकल्याण बोर्ड के चैयरमेन पं. सुनील भराला एवं श्रमराज्यमंत्री मनोहरलाल पंथ ने संयुक्त रूप से करते हुए कहा कि जीवन के अच्छे कार्य भविष्य के लिए आदर्श और प्रेरणादायी बनते हैं। बाबू ज्ञानंचद अलया के सेवा कार्यों स्मरण करते हुए उन्हें समाज के लिए आदर्श बताया और कहा कि वह निष्पक्ष पत्रकारिता के आदर्श रहे। विधायक सदर रामरतन कुशवाहा ने बाबूजी को अच्छा साहित्यकार और हर संघर्ष में सहजता से कार्य करने की क्षमता का धनी बताया। पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने बाबूजी के जीवन को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि उम्र के अन्तिम पडाव में भी अपने जनपद के लिए कुछ करने की इच्छा शक्ति रखते थे। उनके सुझाव और सहयोग जीवन को सार्थक बनाने के अनेक विधाओं के लोगों के लिए मूलमंत्र साबित हुए। इस मौके पर प्रमुख रूप से महामण्डलेश्वर गौर धाम भावना गोस्वामी, जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश नारायण निरंजन, बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड के सदस्य प्रदीप चैबे, संजय दुवे झांसी, जैन पंचायत अध्यक्ष अनिल जैन अंचल, अजय जैन साइकिल, लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा, डॉ. राजकुमार जैन, डॉ. सुनील खजुरिया,पवन जैन शिवाजी आदि ने सम्बोधित किया।













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