समाचार

परखिए खुद को, कितना जानते हैं भगवान को :  इन सवालों के जवाब से जानिए भगवान आदिनाथ को


भगवान आदिनाथ के जन्मकल्याणक पर पाठकों के लिए यह प्रस्तुति तुष्टि कीर्तेश जैन,घाटोल की ओर से


1. भगवान आदिनाथ के कुछ प्रचलित नाम बताइये।
(1) श्री आदिनाथ जी, (2) श्री ऋषभनाथ जी, (3) श्री वृषभनाथ जी, (4) श्री पुरूदेव जी, (5) श्री आदि ब्रह्मा, (6) प्रजापति

2. भगवान आदिनाथ के नाम की सार्थकता क्या है?
तीर्थंकरों में प्रथम होने से उन्हें आदिनाथ कहा जाता है

3. भगवान श्री आदिनाथ का जन्म कब हुआ था?
भगवान श्री आदिनाथ का जन्म तृतीय काल में हुआ था।

4. भगवान श्री आदिनाथ के पंच कल्याणकों की तिथियां क्या है?
गर्भ कल्याणक- आषाढ़ कृष्णा द्वितीया
जन्म कल्याणक- चैत्र कृष्णा नवमी को
तप कल्याणक- चैत्र कृष्णा नवमी।
ज्ञान कल्याण- फाल्गुनी कृष्णा एकादशी को।
मोक्ष कल्याणक- माघ कृष्णा-चैदस।

5. भगवान श्री आदिनाथ की आयु कितनी थी?
चैरासी लाख वर्ष पूर्व।

6. भगवान आदिनाथ जन्म से कितने ज्ञान के धारक थे?
मति, श्रुत, अवधि तीन ज्ञान के धारक थे।

7. भगवान श्री आदिनाथ के शरीर की ऊंचाई कितनी थी?
भगवान श्री आदिनाथ के शरीर की ऊंचाई पांच सौ धनुष (दो हजार हाथ थी)।

8. भगवान श्री आदिनाथ के शरीर का रंग बताइये?
तपाये हुए स्वर्ण के समान।

9. भगवान श्री आदिनाथ की प्रतिमा का चिह्न क्या है?
वृषभ (बैल)।

10. भगवान श्री आदिनाथ ने अपने पुत्रियों का क्या शिक्षा दी?
बा्रह्मी को स्वर ओर व्यंजन तथा सुंदरी को अंकों की शिक्षा दी।

11. भगवान श्री आदिनाथ ने अपने पुत्रों को कौन-सी शिक्षा दी?
अर्थशास्त्र, नृत्यशास्त्र, चित्रकला,वास्तुशास्त्र, शिल्पशास्त्र, कामशास्त्र, आयुर्वेद, तन्त्र परीक्षा, रत्नपरीक्षा आदि अनेक शास्त्रों को पढ़ाया।

12. भगवान श्री आदिनाथ ने अपनी प्रजा को कौन-सी शिक्षा दी?
भगवान श्री आदिनाथ ने प्रजा को षट्कर्म का उपदेश दिया-
1. असि- तलवार शास्त्र आदि धारण करना समाज की रक्षा करना असि कर्म कहलाता है।
2. मसि- लिखकर आजीविका करना मसि कर्म कहलाता है।
3. कृषि- खेती कर अन्न उपजाना कृषि कार्य है
4. वाणिज्य- वस्तुओं का व्यापार करना वाणिज्य है।
5. शिल्प- कलात्मक वस्तुओं का निर्माण करना शिल्प है।
6. विद्या- किसी भी विषय का ज्ञनार्जन करना विद्या है।

13. भगवान श्री आदिनाथ ने दीक्षा किस प्रकार ली?
भगवान पूर्व दिशा की ओर मुख करके पद्मासन से विराजमान हुए और ऊँ नामः सिद्धेभयः कहकर पंच परमेष्ठियों को नमस्कार करके पंच मुष्ठी केश लोच किया तथा दिगम्बरी दीक्षा धारण की।

14. दीक्षा के उपरांत कौन-सा ज्ञान प्रकट हुआ?
दीक्षा अन्र्तमहूर्त बाद ही भगवान को मन पर्याय नाम का चैथा ज्ञान प्रकट हुआ।

15. भगवान श्री आदिनाथ का आहार कितने समय बाद और कहां हुआ था?
1 वर्ष 39 दिन बाद हस्तिनापुर नगर में।

16. भगवान श्री आदिनाथ को आहार किसने दिया था?
हस्तिनापुर के राजा श्रेयांस व भाई सोम-प्रभ ने।

17. भगवान श्री आदिनाथ को आहार पहले क्यों नहीं मिला?
क्योंकि भगवान श्री आदिनाथ के पहले मुनि नहीं होते थे एवं आहार दान के लिए आवश्यक नवधा भक्ति करना कोई नहीं जानता था।

18. भगवान श्री आदिनाथ के समवशरण में ऋषि-मनियों की संख्या बताइए?
चैरासी हजार।

19. भगवान श्री आदिनाथ के समवसरण की प्रमुख आर्यिका कौन थीं?
उत्तर- आर्यिका श्री ब्राह्मी, आर्यिका श्री सुन्दरी।

20. भगवान श्री आदिनाथ की शासन देवी और शासन देव का नाम बताइए?
श्री चक्रेश्वरी देवी और श्री गोमुख यक्ष

21. भगवान श्री आदिनाथ के चैरासी गणधरों के नाम बताइए?
(1) श्री वृषभसेन, (2) श्री कुंभ, (3) श्री हणरथ, (4) श्री शतधनु, (5) श्री देवशर्मा, (6) श्री देवभाव (7) श्री नंदन (8) श्री सोमदत्त, (9) श्री सुरदत्त (10) श्री वायु शर्मा (11) श्री यशोबाहु, (12) श्री देवाग्नि, (13) श्री अग्निदेव, (14) श्री अग्नि गुप्त, (15) श्री मित्रग्नि, (16) श्री हलभृत, (17) श्री महीधर (18) श्री महेन्द्र (19) श्री बसुदेव (20) श्री बसुंधरू (21) श्री अचल (22) श्री मेरू (23) श्री मेरूधन (24) श्री मेरूभूति (24) श्री सर्वयश, (26) श्री सर्वयज्ञ (27) श्री सर्वगुप्त (28) श्री सर्वप्रिय (29) श्री सर्वदेव (30) श्री सर्व विजय (31) श्री विजयगुप्त (32) श्री विजय मित्र (33) श्री विजयिल (34) श्री अपराजित, (35) श्री वसुमित्र (36) श्री विश्वसेन (37) श्री साधु सेन (38) श्री सत्यदेव (39) श्री देवसत्य (40) श्री सत्यगुप्त (41) श्री सत्यमित्र (42) श्री निर्मल (43) श्री विनीत (44) श्री संवर (45) श्री मुनिगुप्त (46) श्री मुनिदत्त (47) श्री मुनियज्ञ (48) श्री मुनिदेव (49) श्री मुनिमित्र (50) श्री मित्रयज्ञ (51) श्री स्वयंभू (52) श्री भगदेव (53) श्री भगदत्त (54) श्री भगफल्गू (55) श्री गुप्तफल्गू (57) श्री मित्र फल्गू (58) श्री प्रजापति (58) श्री सर्वसंघ (59) श्री वरूण (60) श्री धनपालक (61) श्री मद्यवान (62) श्री तेजा राशि (63) श्री महावरी (64) श्री महारथ (65) श्री विशालाक्ष (66) श्री महाबल (67) श्री शचिशाल (68) श्री वज्र (69) श्री वज्रसार (70) श्री चन्द्रचूल (71) श्री जयकुमार (72) श्री महारस (73) श्री कच्छ (74) श्री महाकच्छ (75) श्री नमि (76) श्री विनामि (77) श्री बल (78) श्री अतिबल (79) श्री भद्र बल (80) श्री नंदी (81) श्री महाभागी (82) श्री नंदमित्र (83) श्री कामदेव (84) श्री अनुपम।

22. भगवान श्री आदिनाथ के समवशरण में प्रमुख श्रावक और श्राविका कौन थे?
द्रणव्रत नाम के श्रावक और सुव्रता नाम की श्राविका।

23. ऋग्वेद में भगवान श्री आदिनाथ का नाम कहां आया है?
सूक्त नं. 94 मंत्र नम्बर 10।

24. अथर्वेद में भगवान श्री आदिनाथ का नाम कहां आया है?
अर्थवेद में का0 16 में, भाग 5 स्कंध 6 अध्याय में।

25. वायुपुराण में भगवान श्री आदिनाथ का नाम कहां आया है?
वायुपुराण, 31 5052।

26. वैदिक ग्रन्थों में भगवान श्री आदिनाथ को विष्णु का कौन सा अवतार माना गया है?
आठवां अवतार।

ये भी पढ़िए:-

  1. परखिए खुद को, कितना जानते हैं भगवान को :  इन सवालों के जवाब से जानिए भगवान आदिनाथ को
  2. भगवान आदिनाथ की जयंती पर विशेष : जानिए किन छह विधाओं, 72 कलाओं से आदिनाथ ने किया था मानव जाति का उत्थान

 

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
31
+1
12
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page