समाचार

इस सीजन के 10 शुभ विवाह मुहूर्त ही शेष : जून-जुलाई में 10, नवंबर-दिसंबर में 8, शेष वर्ष में कुल 18 विवाह मुहूर्त


इस वर्ष शादी विवाह के सीजन में बीच बीच में विवाह मुहूर्तों में रुकावट आती रही हैं। कभी मीन मलमास की वजह से, कभी ज्येष्ठ अधिक मास तो कभी गुरु तारा अस्त, हरिशयन काल की वजह से अब कुल 18 विवाह मुहूर्त शेष इस सीजन में हैं। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह रिपोर्ट…


मुरैना। इस वर्ष शादी विवाह के सीजन में बीच बीच में विवाह मुहूर्तों में रुकावट आती रही हैं। कभी मीन मलमास की वजह से, कभी ज्येष्ठ अधिक मास तो कभी गुरु तारा अस्त, हरिशयन काल की वजह से अब कुल 18 विवाह मुहूर्त शेष इस सीजन में हैं। वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन के अनुसार 17 मई से 15 जून तक इस सीजन में इस बार ज्येष्ठ अधिक मास की वजह से शहनाई पर रोक रही। अब इस सीजन के 10 शुद्ध विवाह मुहूर्त ही शेष हैं और दिसंबर लास्ट तक केवल 18 विवाह मुहूर्त ही शेष हैं।

जून माह में मुहूर्त- 19, 20, 22, 23, 26, 27, 29

जुलाई- 06, 07, 11

नवंबर में- 21, 24, 25, 26

दिसंबर में- 02, 03, 11, 12

कब किस कारण विवाह पर रोक रहेगी 

ज्योतिषाचार्य डॉ. जैन ने बताया कि गुरु तारा अस्त- 16 जुलाई आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया गुरुवार को गुरु तारा पश्चिम दिशा में अस्त होंगे, जो 9 अगस्त श्रावण कृष्ण एकादशी रविवार को पूर्व दिशा में उदय होंगे। गुरु अस्त कालांश एवं अस्त से तीन दिन पूर्व तक वृद्वत्यकाल तथा उदय से तीन दिन तक बाल्यकाल भी विवाहादि शुभ कार्य में वर्जित हैं।

हरिशयन काल-25 जुलाई आषाढ़ शुक्ल एकादशी शनिवार से 20 नवंबर कार्तिक शुक्ल एकादशी तक हरिशयन काल समय में सिंध, पंजाब, कश्मीर, हिमाचल आदि राज्यों, विशेष धर्म, संप्रदाय के अलावा विवाह मुहूर्त नहीं है।

श्राद्ध पक्ष- 26 सितंबर भाद्रपद पूर्णिमा शनिवार से 10 अक्टूबर आश्विन अमावस्या शनिवार तक महालय श्राद्ध पक्ष होने से विवाह आदि सभी कार्य वर्जित हैं।

’शुक्र तारा अस्त-14 अक्टूबर आश्विन शुक्ल चतुर्थी बुधवार को शुक्र तारा पश्चिम दिशा में अस्त होगा जो 28 अक्टूबर कार्तिक कृष्ण तृतीया बुधवार को पूर्व दिशा में उदय होगा शुक्र तारा अस्त से तीन दिन पहले और उदय के तीन दिन बाद तक भी विवाह आदि शुभ कार्यों पर रोक रहेगी।

धनु मलमास- 16 सितम्बर मार्गशीर्ष शुक्ल सप्तमी बुधवार से 14 जनवरी पौष शुक्ल षष्ठी गुरुवार 2027 तक धनुराशिस्थ सूर्य संज्ञक पौष मलमास विवाह आदि कार्यों में वर्जित हैं।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
1
+1
0
+1
0
Shree Phal News

About the author

Shree Phal News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page