मुनि श्री सारस्वत सागर जी, मुनि श्री जयंत सागर जी, मुनि श्री सिद्ध सागर जी महाराज नांद्रे में विराजमान हैं। मुनि जयंत सागरजी का अवतरण दिवस 14 जून को श्री भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में जैन युवा मंच, युवती मंडळ, तथा समस्त श्रावक-श्राविकाओं की ओर से भक्तिपूर्ण मनाया जाएगा। नांद्रे से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटिल की यह खबर…
नांद्रे(महा.)। मुनि श्री सारस्वत सागर जी, मुनि श्री जयंत सागर जी, मुनि श्री सिद्ध सागर जी महाराज नांद्रे में विराजमान हैं। मुनि जयंत सागरजी का अवतरण दिवस 14 जून को श्री भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में जैन युवा मंच, युवती मंडळ, तथा समस्त श्रावक-श्राविकाओं की ओर से भक्तिपूर्ण मनाया जाएगा। भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर नांद्रे के अध्यक्ष जिनेश्वर पाटील ने बताया कि देश की पावन वसुंधरा को अनेकों ऋषि मुनियों ने अपनी चरण धूलि से पवित्र किया है और समाज को एक नई दिशा प्रदान की है। 30 वर्ष पूर्व भिंड निवासी सौभाग्यशाली दंपती सुरेंद्रकुमार जैन एवं अनिता जैन के आंगन में खुशियां छाई थीं। 14 जून 1996 को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई थी और उस सुंदर बालक का माता-पिता ने नाम रखा विशाल। आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के करकमलों से 6 नवंबर 2022 को रायपुर ( छत्तीसगढ ) में मुनि दीक्षा धारण कर आपका नाम जयंत सागर जी रखा गया। मुनिश्री जयंत सागर जी ने पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी के आशीष से सभी जगह अपूर्व जिनधर्म की प्रभावना करते हुए हमेशा गुरु आज्ञा को सबकुछ माना है। आपके प्रत्येक प्रवचन जिसमें गुरु भक्ति मानो स्वर्णिम शिखर को छूती है। सरलता, सहजता, सौम्यता की आप प्रतिमूर्ति हो।
आप अधिकतम समय ध्यान में लीन रहते हैं, आपकी वाणी ओजस्वी है। आपके प्रवचनों की चर्चा चारों ओर है। ऐसे भविष्य के महावीर को प्रणाम करता हूं। अवतरण दिवस के इस शुभ अवसर पर हम सभी यही भावना भाते हैं कि मुनि श्री जयंत सागर जी आप ऐसे ही अपनी साधना से अपना मोक्ष मार्ग प्रशस्त करते रहें और हमें सदैव वात्सल्य, उपदेश एवं आशीष देते रहें। आचार्य श्री विशुद्धसागर जी के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री जयंत सागर जी के 30 वें अवतरण दिवस पर उनके पावन चरणों में समस्त परिवारजनों की ओर से,बारंबार नमोस्तु।













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