गायत्री नगर में आचार्य श्री शशांक सागर जी का भव्य मंगल प्रवेश : विहार के दौरान मार्ग में श्रावकों के आवास के सामने उतारी आरती और आचार्यश्री का किया पाद प्रक्षालन
जयपुर। श्री दिगंबर जैन मंदिर महारानी फार्म, गायत्री नगर जयपुर मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में बुधवार प्रात 6.30 बजे एसएफएस जैन मंदिर से विहार कर बैंडबाजों के साथ आचार्य श्री शशांक सागर जी ससंघ का गायत्री नगर जैन मंदिर में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। आचार्य श्री का विहार के समय मार्ग में श्रावकों के आवास के सामने आरती और पाद प्रक्षालन किया गया।
इन समाजजनों ने अभिषेक और शांतिधारा की
आचार्य श्री के मंदिर में पहुंचने पर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह के नेतृत्व में मंत्री राजेश वोहरा, कोषाध्यक्ष राकेश छाबड़ा, उपाध्यक्ष विजय सोगानी, संतोष गंगवाल, राकेश पाटोदी, पदम झांझरी, बसंत बाकलीवाल आदि पदाधिकारियों ने आरती कर पाद प्रक्षालन कर, महिला मंडल और मुनि वैय्यावृति महिला समूह के पदाधिकारी तथा सदस्यों ने मंगल कलश लेकर भव्य अगुवाई की। आचार्य श्री ने विश्व शांति के लिए शांतिधारा प्रमुख पात्र अशोक विधानसभा वाले और अनिल गदिया बयाना वाले परिवार ने करवाई। साथ में सैंकडों महानुभावों ने अभिषेक और शांतिधारा की।
साधु-संतों का संरक्षण, आहार, विहार कराना श्रावकों का प्रमुख कर्तव्य
इस अवसर पर आचार्य श्री ने अपने मंगल उद्बोधन में कहा कि श्रावक और संत एक हो जाए तो मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर होने की ऊर्जा प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि साधु संतों के आवागमन होते रहने चाहिए, उनका संरक्षण, आहार, विहार कराना श्रावकों का प्रमुख कर्तव्य है। युवा परिषद् के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि आचार्य श्री की आहार चर्चा का सौभाग्य आलोक प्रमिला शाह और मुनि श्री की आहार चर्या सुनील लता सोगानी परिवार के यहां निर्विघ्न हुई। 11 जून को प्रातः 7.30 बजे से मंदिर में मंगल प्रवचन होंगे।













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