समाचार

मुनिश्री प्रसन्न सागर जी महाराज का भव्य मंगल प्रवेश : जैन धर्म ध्वजा लिए मुनि श्री की अगवानी की, जगह-जगह पाद प्रक्षालन किया 


मुनि श्री प्रसन्न सागर जी का भव्य मंगल प्रवेश शुक्रवार को बैंडबाजों की मंगल धुन के साथ हुआ। मुनि श्री का रैयाणा गांव से मंगल विहार हुआ। नौगामा नगर के सभी धर्म प्रेमी बंधु मुनि श्री की अगवानी के लिए पुरुष सफेद वस्त्रों में तथा महिलाएं केसरिया वस्त्रो में मंगल कलश लिए तथा जैन पाठशाला के बच्चे जैन धर्म ध्वजा लिए पहुंचे। नौगामा से पढ़िए, सुरेशचंद्र गांधी की यह रिपोर्ट…


नौगामा। मुनि श्री प्रसन्न सागर जी का भव्य मंगल प्रवेश शुक्रवार को बैंडबाजों की मंगल धुन के साथ हुआ। मुनि श्री का रैयाणा गांव से मंगल विहार हुआ। नौगामा नगर के सभी धर्म प्रेमी बंधु मुनि श्री की अगवानी के लिए पुरुष सफेद वस्त्रों में तथा महिलाएं केसरिया वस्त्रो में मंगल कलश लिए तथा जैन पाठशाला के बच्चे जैन धर्म ध्वजा लिए पहुंचे। मुनि श्री की अगवानी कर जगह-जगह उनका पाद पक्षालन किया गया। तोरण द्वार सजाए गए। सबने अपने घरों के बाहर रंगोली सजाई। जैसे ही मुनिश्री आदिनाथ मंदिर पहुंचे। जयकारों के साथ आकाश गुंजामान हो गया। मुनि श्री के सानिध्य में वागड़ के बड़े बाबा भगवान आदिनाथ नेमिनाथ की शांतिधारा अभिषेक किया गया। अभिषेक का प्रथम सौभाग्य शिपाल नानावटी, प्रसिद्ध अक्षत भीलवाड़ा को प्राप्त हुआ। महाराज श्री का आगमन पंडाल में हुआ, जहां पर महाराज श्री को शास्त्र भेंटकर पाद पक्षालन किया गया। इसका सौभाग्य गीतांश विपुल को प्राप्त हुआ। मुनिश्री ने अपने मंगल प्रवचन में कहा कि यह वही नौगामा नगर है। जहां पर 37 वर्ष पूर्व गुरुदेव आचार्यश्री पुष्पदंत सागर जी के सानिध्य में चातुर्मास हुआ था। हमारा यह पहला चातुर्मास था। नौगामा नगर की यादें आज भी ताजा हैं। चिड़िया के घोंसले, वागड़ के बड़े बाबा की प्रतिमाएं, नसिया जी क्षेत्र, छोटे बच्चे जो जवान हो गए हैं और जो जवान थे बूढ़े हो गए हैं। उनके चेहरे देखकर बड़ी प्रसन्नता हो रही है।

आप सभी मोक्ष मार्ग की ओर बढ़े और अपनी दृष्टि बदलें। सृष्टि बदल जाएगी अपने पुण्य कार्यों को बढ़ाओ। पुण्य कार्य को बढाओगे तो सुख मिलेगा। पाप कार्य करोगे तो दुख मिलेगा। इस अवसर पर मंच पर विराजमान आर्यिका सिद्ध मति माताजी को मुनिश्री ने आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर ‌आचार्य भक्ति, प्रश्न मंच, आरती के बाद भक्ति संगीत का कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम का संचालन मुनिश्री पीयूष सागर जी और रमेशचंद्र गांधी ने किया। आभार नवयुग मंडल अध्यक्ष मुकेश गांधी ने माना।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shree Phal News

About the author

Shree Phal News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page