श्रमण संस्कृति और दिगंबर जैन तीर्थों के संरक्षण संवर्धन में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले, भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी प्रधान कार्यालय मुंबई के मुख्य प्रबंधक एवं श्री बीसपंथी कोठी मधुवन, सम्मेद शिखर जी के प्रधान कार्यालय के महाप्रबंधक उमानाथ दुबे का शुक्रवार को प्रातः काल आकस्मिक निधन हो जाने से कमेटी में शोक छा गया। बकस्वाहा से रत्नेश जैन रागी की यह रिपोर्ट…
बकस्वाहा। श्रमण संस्कृति और दिगंबर जैन तीर्थों के संरक्षण संवर्धन में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले, भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी प्रधान कार्यालय मुंबई के मुख्य प्रबंधक एवं श्री बीसपंथी कोठी मधुवन, सम्मेद शिखर जी के प्रधान कार्यालय के महाप्रबंधक उमानाथ दुबे का शुक्रवार को प्रातः काल आकस्मिक निधन हो जाने से कमेटी और देश के संपूर्ण जैन समाज तथा जैन तीर्थ क्षेत्र की कमेटियों में शोक छा गया। दुबे ने लगभग 59 वर्षों तक कमेटी के मुंबई मुख्य कार्यालय में अत्यन्त निष्ठा, निष्पक्षता, समर्पण एवं निस्पृह भाव से अपनी सेवाएँ प्रदान की। उनका संपूर्ण जीवन जैन तीर्थों की सेवा, संरक्षण तथा संगठन के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण रहा है।
उनके निधन से तीर्थक्षेत्र कमेटी एवं तीर्थक्षेत्र व्यवस्था को अपूरणीय क्षति हुई है। उनकी कर्मनिष्ठा, सरलता एवं सेवाभाव, वात्सल्य और मिलनसार व्यक्तित्व, समाज के प्रति समर्पण सदैव जीवंत और स्मरणीय रहेगा। भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जम्बूप्रसाद जैन, राष्ट्रीय महामंत्री संतोष पेंडारी, राष्ट्रीय मंत्री वीरेश सेठ, हसमुख गांधी तथा मध्यांचल कमेटी के अध्यक्ष डीके जैन, कार्यकारी अध्यक्ष तथा बुंदेलखंड प्रभारी संतोषकुमार जैन घड़ी, महामंत्री राजकुमार जैन घाटे, प्रचार प्रमुख, प्रवक्ता राजेश जैन रागी सहित पूरे भारतवर्ष के 9 अंचलों के अध्यक्ष सहित मध्यांचल कमेटी के पदाधिकारी व सदस्यों ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भगवान जिनेंद्र देव से प्रार्थना की है कि उनकी आत्मा को शाश्वत चिरस्थाई शांति एवं सद्गति प्राप्त हो तथा शोकाकुल परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।













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