समाज में एकता, सामंजस्य, भाईचारा एवं आध्यात्मिक वातावरण स्थापित करने के पुनीत उद्देश्य को लेकर समाजसेवी संगठन श्री शांतिनाथ सेवा संघ दिल्ली द्वारा तीर्थयात्राओं का आयोजन किया जाता रहा है। इस वर्ष भी संस्था द्वारा 21 जून को अग्रवाल धर्मशाला मधुवन शकरपुर में समारोह के दौरान तृतीय वार्षिक तीर्थ यात्रा की घोषणा की जाएगी। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की रिपोर्ट…
मुरैना/दिल्ली। समाज में एकता, सामंजस्य, भाईचारा एवं आध्यात्मिक वातावरण स्थापित करने के पुनीत उद्देश्य को लेकर समाजसेवी संगठन श्री शांतिनाथ सेवा संघ दिल्ली द्वारा तीर्थयात्राओं का आयोजन किया जाता रहा है। इस वर्ष भी संस्था द्वारा 21 जून को अग्रवाल धर्मशाला मधुवन शकरपुर में समारोह के दौरान तृतीय वार्षिक तीर्थ यात्रा की घोषणा की जाएगी। श्री शांतिनाथ सेवा संघ के वार्षिक आयोजन के मुख्य संयोजक गोकुलचंद जैन ने बताया कि 21 जून को प्रातः 10 बजे से अग्रवाल धर्मशाला शकरपुर में होने वाले समारोह में सजातीय बुजुर्ग बंधुओं का सम्मान के साथ-साथ विगत वर्ष आयोजित वार्षिक यात्रा के समस्त सहयोगियों का बहुमान भी किया जाएगा। लकी ड्रॉ द्वारा आकर्षक पुरस्कार वितरित किए जाएंगे एवं चित्रकला प्रतियोगिता भी होगी। निर्धारित समय पर आने वाली महिलाओं को विशेष पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इस भव्य समारोह का सीधा प्रसारण अहिंसा प्रभावना यू ट्यूब चैनल पर किया जाएगा। इस भव्य आयोजन में आगरा, ग्वालियर, मुरैना, अम्बाह के अतिथिगण विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
11 तीर्थंकरों की जन्मभूमि यात्रा में हुए थे शामिल
ज्ञातव्य हो कि श्री शांतिनाथ सेवा संघ विगत कई वर्षों से सजातीय बंधुओं को विभिन्न प्रांतों में स्थित ऐतिहासिक तीर्थ स्थानों की यात्रा का आयोजन करता आ रहा है। संस्था का मुख्य उद्देश्य समाज में एकता, भाईचारा, सामंजस्य एवं आध्यात्मिक वातावरण निर्मित करना ही है। विगत वर्ष भी संस्था ने 11 तीर्थंकरों की जन्मभूमि अयोध्या, श्रावस्ती, बनारस आदि की 621 साधर्मी बंधुओं को आनंदमयी यात्रा कराकर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया था। श्री शांतिनाथ सेवा संघ के अध्यक्ष हरिश्चन्द जैन (आगरा वाले), उपाध्यक्ष प्रदीप जैन, महामंत्री दिनेश जैन टीटू, मंत्री राजकुमार जैन पप्पू, कोषाध्यक्ष अजय जैन अजिया ने सकल दिगंबर जैसवाल जैन समाज दिल्ली द्वारा आयोजित वार्षिक तीर्थ यात्रा घोषणा समारोह में सजातीय बंधुओं से उपस्थित होने की अपील की है।













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