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शरीर के आंतरिक शुद्धिकरण का प्रभावी माध्यम है शंख प्रक्षालन : आनंद नगर में भारतीय योग संस्थान ने शंख प्रक्षालन शिविर लगाया


भारतीय योग संस्थान उत्तर जिला ग्वालियर की ओर से रविवार, 12 अप्रैल को ब्रिलिएंट स्टार हायर सेकेंडरी स्कूल, ए-ब्लॉक आनंद नगर में शंख प्रक्षालन शिविर लगाया गया। इस शिविर में विभिन्न योग केंद्रों से आए लगभग 80 साधक एवं साधिकाओं ने भाग लेकर लाभ प्राप्त किया। ग्वालियर से पढ़िए, यह खबर…


ग्वालियर/अंबाह। भारतीय योग संस्थान उत्तर जिला ग्वालियर की ओर से रविवार, 12 अप्रैल को ब्रिलिएंट स्टार हायर सेकेंडरी स्कूल, ए-ब्लॉक आनंद नगर में शंख प्रक्षालन शिविर लगाया गया। इस शिविर में विभिन्न योग केंद्रों से आए लगभग 80 साधक एवं साधिकाओं ने भाग लेकर लाभ प्राप्त किया। शिविर का उद्देश्य लोगों को यौगिक जीवनशैली के माध्यम से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम के दौरान संस्थान के जिला प्रधान अनंतकुमार सरकार ने शंख प्रक्षालन क्रिया के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ‘शंख’ का अर्थ पेट और ‘प्रक्षालन’ का अर्थ धोना होता है। जिस प्रकार शंख में पानी डालकर उसे साफ किया जाता है, उसी प्रकार इस योग क्रिया के माध्यम से पेट और आंतों की सफाई की जाती है। यह प्रक्रिया शरीर के आंतरिक शुद्धिकरण का प्रभावी माध्यम है, जिससे पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर हल्का एवं ऊर्जावान महसूस करता है। उन्होंने आगे बताया कि शंख प्रक्षालन करने से वात, पित्त और कफ जैसे दोषों में संतुलन आता है, जिससे कई प्रकार की बीमारियों से राहत मिलती है। यह क्रिया नियमित अभ्यास और विशेषज्ञ मार्गदर्शन में की जाए तो शरीर के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होती है।

कम से कम दो बार शंख प्रक्षालन क्रिया अवश्य करें

केंद्र प्रमुख कैलाशसिंह तोमर ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को स्वस्थ रहने के लिए वर्ष में कम से कम दो बार शंख प्रक्षालन क्रिया अवश्य करनी चाहिए। इससे शरीर की आंतरिक सफाई होती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। मीडिया प्रभारी राकेश गुप्ता ने बताया कि भारतीय योग संस्थान “जियो और जीने दो” के सिद्धांत पर आधारित संस्था है, जो निस्वार्थ सेवा, योगिक जीवनशैली और धर्म-जाति से परे रहकर लोगों को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य प्रदान करने के लिए कार्य कर रही है। शिविर के में आनंद प्रकाश शुक्ला, शिवदत्त भारद्वाज, राजाराम वर्मा, सरदार आजाद सिंह, मनोज सक्सैना, सतीश जादौन, विजय साद, दिनेश गुप्ता, निर्मला निगम, ज्योति परमार, उमा गर्ग एवं रंजना साद सहित अनेक साधकों का विशेष सहयोग रहा। सभी प्रतिभागियों ने नियमित योग अपनाने का संकल्प लिया।

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