पावागिरी जी ऊन सिद्ध क्षेत्र का 20 वां वार्षिक मेला ध्वजारोहण के साथ शुक्रवार को शुरू हो गया है। वार्षिक मेले की विशेषता यह है कि पूरे निमाड़ मालवा के किसी तीर्थ पर प्रथम सहस्रकूट जिनालय में 1008 रत्नमयी प्रतिमाएं विराजित हो रही हैं। धामनोद से पढ़िए, दीपक प्रधान की यह खबर…
धामनोद। पावागिरी जी ऊन सिद्ध क्षेत्र का 20 वां वार्षिक मेला ध्वजारोहण के साथ शुक्रवार को शुरू हो गया है। वार्षिक मेले की विशेषता यह है कि पूरे निमाड़ मालवा के किसी तीर्थ पर प्रथम सहस्रकूट जिनालय में 1008 रत्नमयी प्रतिमाएं विराजित हो रही हैं। प्रचार मंत्री आशीष जैन और मेला संयोजक सुधीर चौधरी ने बताया कि इस बार मेले में आचार्य श्री विप्रणतसागर जी, आचार्य श्री कुमुद नंदी जी ससंघ एवं अरिहंत कीर्ति भट्ठारक पट्टाचार्य महास्वामी जी का सानिध्य प्राप्त हो रहा है। इन साधु संतों के सानिध्य एवं प्रतिष्ठाचार्य धर्मचंद्र शास्त्री दिल्ली, अक्षय भैया जी उदयपुर एवं पंडित नितिन झंझरी के निर्देशन में ध्वजारोहण देवेंद्रकुमार आजादकुमार राजेंद्र शाह परिवार इंदौर भोपाल, अविनाश वंदना जैन खंडवा द्वारा विधि विधान से हुआ। इसके बाद वेदी शुद्धि, संस्कार विधि के साथ नवीन सहस्त्र कूट जिनालय में वास्तु शांति विधान हुआ।
फीता खोलकर शुभारंभ
सहस्त्रकूट जिनालय के मुख्य दातार जतन देवी स्व.धनराज कासलीवाल इंदौर ने फीता खोलकर शुभारंभ किया। जिनालय की प्रमुख चार प्रतिमाओं के दातार हंसा मुंबई, कल्याण जिनेंद्र बेड़ियां, राहुल राकेश बेड़ियां, पुष्पा, मनोज पंधाना, अक्षय साटकुर, आश्रय औरंगाबाद ने प्रतिमाएं विराजमान की। दोपहर में इंद्र प्रतिष्ठा के बाद नव देवता विधान पूजन भक्ति भाव से प्रारंभ हुआ। जिसके मुख्य इंद्र गुलाबराव मंडलोई परिवार महेश्वर रहे।
नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी
संगीतकार धर्मवीर जैन एंड पार्टी भोपाल द्वारा सु मधुर भजनों पर श्रद्धालुओं ने खूब भक्ति नृत्य कर विधान का आनंद लिया। दोपहर में अचार्य संघ के दिव्य देशना का लाभ भी मिला। शाम को संगीतमय श्री जी की आरती भक्ति के पश्चात मयूर जैन एंड पार्टी दिल्ली द्वारा सुमधुर नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी गई। साथ ही ऊन पावागिरी का संपूर्ण इतिहास प्रस्तुत किया गया। आयोजन में महामंत्री अशोक झांझरी, अतुल कासलीवाल, अरुण धनोते , विनोद जैन, कमलेश मंडलोई आदि का योगदान सराहनीय रहा।
शनिवार को होगा कवि सम्मेलन, एवं विधान
7 मार्च को कार्यक्रम के दूसरे दिन सुबह नित्य अभिषेक पूजन के बाद संघ की आहार चर्या, दिव्य देशना के बाद विश्व शांति महायज्ञ होगा। शाम को आरती भक्ति के बाद भव्य कवि सम्मेलन होगा। कवि सम्मेलन में सहनाज हिंदुस्तानी जयपुर, मुकेश मनमौजी छपरा, अशोक नागर शाजापुर, संगीता सरल भोपाल, धर्मेंद्र सोलंकी भोपाल, कवि जैन विद्रोही ललितपुर अपनी रचनाएं प्रस्तुत करेंगे। इस मेले मालवा और निमाड़ के श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। कमेटी ने मेले की सारी व्यवस्थाएं की है।













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