देपालपुर स्थित अतिशय क्षेत्र बनेडिया जी में 24 फरवरी से 1 मार्च तक अष्टानिका महापर्व के तहत सिद्धचक्र मंडल विधान और विश्व शांति महायज्ञ का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जा रहा है। पढ़िए इंदौर से यह विशेष रिपोर्ट
देपालपुर (इंदौर) स्थित अतिशय क्षेत्र बनेडिया जी में अष्टानिका महापर्व पूरे उत्साह और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। 24 फरवरी से 1 मार्च तक चल रहे इस आयोजन में सिद्धचक्र मंडल विधान और विश्व शांति महायज्ञ की पावन गूंज वातावरण को धर्ममय बना रही है।
आयोजन की प्रेरणा और संयोजन
यह भव्य आयोजन श्रीमती बसंत माला गोधा एवं परिवार द्वारा, श्रीमती पद्मा बड़जात्या की प्रेरणा से संपन्न हो रहा है। पूरे परिसर में सजावट, भक्तिभाव और अनुशासन देखने लायक है।
ध्वजारोहण और इंद्रों का सौभाग्य
ध्वजारोहण एवं यज्ञ नायक बनने का सौभाग्य महावीर कुमार और सुनीता लुहाड़िया को मिला।
सोधर्म इंद्र-इंद्राणी के रूप में अनिल-हेमलता बड़जात्या, कुबेर इंद्र मुकेश-अनामिका काला, ईशान इंद्र महेश-निर्मला शाह, सनत कुमार इंद्र जितेंद्र-प्रमिला बाकलीवाल ने धर्मलाभ लिया।
महेंद्र इंद्र प्रदीप-अनिता कोठारी, ब्रह्म इंद्र तल्लीन-निशा बड़जात्या, ब्रह्मोत्तर इंद्र लवलीन-सविता बड़जात्या, लान्तव इंद्र अनिल-रचना पाटौदी भी विशेष आकर्षण रहे।
कपिष्ठ इंद्र वरुण-नेहा शाह, शुक्र इंद्र हिमांशु-पूर्णा बड़जात्या एवं निहित-सेजल काला ने भी भक्ति भाव से सहभागिता की। श्रीपाल-मीना सुंदरी बनने का सौभाग्य आभास-लवीना पाटनी को प्राप्त हुआ।
संत सानिध्य और विधान प्रक्रिया
इस आयोजन में मुनि श्री विध्रुव सागर जी का सानिध्य श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान कर रहा है। विधानाचार्य पंडित योगेंद्र कालाके के निर्देशन में प्रतिदिन प्रातः शांतिधारा और अभिषेक के साथ विधान की शुरुआत होती है।
भक्ति, नृत्य और उल्लास
इंद्राणी और परिवारजन भक्ति गीतों, नृत्य और संगीत के साथ विधान को जीवंत बना रहे हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर धर्मलाभ ले रहे हैं।
1 मार्च, रविवार को नित्य नियम पूजन, भव्य शोभायात्रा, अभिषेक और विश्व शांति महायज्ञ के साथ इस आयोजन का समापन होगा।
“धर्म की राह पर चलें तो जीवन खुद उत्सव बन जाता है।”













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