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गजरथ परिक्रमा के साथ भव्य पंचकल्याणक एवं चौबीस समवशरण विधान का समापन : यशोदय तीर्थ बनेगा भव्य तीर्थ – जगतपूज्य मुनिपुंगव सुधासागर


अन्तरराष्ट्रीय तीर्थ यशोदय पर जगतपूज्य मुनिपुंगव सुधासागर महाराज एवं क्षुल्लक गम्भीर सागर के सानिध्य में चल रहे भव्य पंचकल्याणक महोत्सव एवं चौबीस समवशरण विधान का समापन पर गजरथ स्वर्णरथ रजतरथ परिक्रमा हुई। पढ़िए राजीव सिंघई की रिपोर्ट…


महरौनी (ललितपुर)। अन्तरराष्ट्रीय तीर्थ यशोदय पर जगतपूज्य मुनिपुंगव सुधासागर महाराज एवं क्षुल्लक गम्भीर सागर के सानिध्य में चल रहे भव्य पंचकल्याणक महोत्सव एवं चौबीस समवशरण विधान का समापन पर गजरथ स्वर्णरथ रजतरथ परिक्रमा हुई। प्रातःकालीन बेला में जिन अभिषेक पूजन और हवन हुआ। धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री सुधासागर महाराज ने कहा कि यशोदय तीर्थ एक दिन भारत के मुख्य तीर्थों में गिना जायेगा। श्रावकों ने जो इस तीर्थ पर अपने पुण्य का बीज बोया है, वह भविष्य में इसका फलदायी परिणाम देगा।

हुए कई शिलान्यास

मुनिश्री सुधासागर महाराज के सानिध्य में क्षेत्र में कई शिलान्यास हुए। मूल पाषाण मंदिर का शिलान्यास करने का सौभाग्य चक्रेश चौधरी परिवार को प्राप्त हुआ, वहीं पिच्छिका मंदिर का सौभाग्य राजेंद्र मलैया एडवोकेट, संतशाला का सौभाग्य राजेंद्र प्रशांत दिल्ली मुम्बई परिवार को प्राप्त हुआ। व्यायाम शाला, सिंह द्वार का शिलान्यास यशोदय तीर्थ के अध्यक्ष राजा चौधरी ने किया।आहारशाला का शिलान्यास विवेक चौधरी शेरू भोपाल को प्राप्त हुआ। सुमैरू के शिलान्यास का सौभाग्य प्रशांत भोपाल, प्रमोद चौधरी एवं सुबोध पठा परिवार को प्राप्त हुआ। औषधालय का शिलान्यास डॉ. विक्रम बहादुर जैन ने किया। मुनिश्री सुधासागर महाराज को आहार देने का सौभाग्य मनोज सिंघई एवं क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज को आहार देने का सौभाग्य प्रशांत जैन भोपाल को प्राप्त हुआ।

जयकारों और उद्घोष से गूंजी शोभायात्रा

दोपहर में भव्य पंचकल्याणक महोत्सव एवं चौबीस समोशरण विधान के समापन पर गजरथ महोत्सव हुआ जिसमें गजरथ स्वर्णरथ एवं रजतरथ ने परिक्रमा की । मुनिश्री सुधासागर महाराज और क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज की उपस्थिति भक्तजनों में उत्साह बढ़ा रही थी। शोभायात्रा में एक सी वेशभूषा में युवक संगीत की धुनों पर थिरक रहे थे। बालिका मंडल डांडिया नृत्य करता चल रहा था। वहीं इंद्र इंद्राणी जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। सुधा बालिका मंडल की बालिकाओं ने बैंड बजाकर उद्घोष किया। रथों के सारथी बनने का सौभाग्य कैलाश सराफ , चक्रेश चौधरी एवं अशोक सराफ को प्राप्त हुआ ।गजरथ परिक्रमा के बाद भगवान का अभिषेक किया गया।

समस्त धार्मिक क्रियाएं ब्रह्मचारी प्रदीप भैया सुयश और पारस भैया के दिशा-निर्देश में संपन्न हुई। महायज्ञ नायक अजित जैन को सवाई सिंघई की उपाधि दी गई। अनौरा स्वतंत्र मोदी और संजीव जैन सीए ने पगड़ी बांधकर सम्मान किया। इस मौके पर ललितपुर, मड़ावरा, टीकमगढ़ ,पृथ्वीपुर इंदौर, भोपाल के समाजजनों ने मुनिश्री सुधासागर महाराज को श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में दिगम्बर जैन पंचायत कमेटी, यशोदय तीर्थ कमेटी ,श्री चंद्राप्रभु कमेटी,श्रीसुधासागर यशोदय व्यायाम शाला, नमोकार सेवा दल मड़ावरा, अखिल भारतीय महिला समिति, श्रीसुधासिंधु महिला मंडल, विद्यादर्श बालिका मंडल, आदर्श महिला मण्डल आदि का योगदान रहा। अंत में आभार यशोदय तीर्थ कमेटी अध्यक्ष राजा चौधरी एवं प्रशांत सिंघई बंटी ने व्यक्त किया।

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