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विश्व प्रसिद्ध परिचय सम्मेलन 13 से 15 दिसंबर तक: राजधानी भोपाल के जवाहर चौक जैन मंदिर में होगा भव्य आयोजन


जैन परिचय सम्मेलन के लिए 5200 से अधिक पंजीयन. हो चुके हैं। अमेरिका से 41 एनआरआई के अलावा 1134 इंजीनियर, 1086 कारोबारी सीए, डॉक्टर, प्रोफेसर भी परिचय सम्मेलन में पंजीयन करवाया है। इंदौर से पढ़िए, यह खबर…


इंदौर। जैन परिचय सम्मेलन के लिए 5200 से अधिक पंजीयन. हो चुके हैं। अमेरिका से 41 एनआरआई के अलावा 1134 इंजीनियर, 1086 कारोबारी सीए, डॉक्टर, प्रोफेसर भी परिचय सम्मेलन में पंजीयन करवाया है। संयोजक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि अखिल भारतीय दिगंबर जैन युवक-युवती परिचय सम्मेलन 13 से 15 दिसंबर तक जवाहर चौक स्थित श्री पार्श्व नाथ दिगंबर जैन मंदिर भोपाल में होगा। पांच दिसंबर तक पंजीयन प्रक्रिया जारी रही। अंतिम तिथि 5 दिसंबर शुक्रवार तक 5250 से अधिक युवक-युवतियों ने पंजीयन कराया। जिनमें सबसे अधिक प्रविष्टियां व्यवसाय से जुड़े 1086 और 1134 इंजीनियरों की हैं। विदेश में रहने वाले 86 एनआरआई ने भी जीवनसाथी की तलाश में रजिस्ट्रेशन कराया है। दद्दू ने कहा कि पंजीयन कराने वालों में वकील, डॉक्टर और सीए भी सीएरू 127 (75 युवक, 52 युवती) डॉक्टररू 241 (88 युक्क, 153 युवती) एडवोकेटः 61 (36 युवक, 25 युवती) इंजीनियरः 1134 (786 युवक, 348 युवती) सीएसः 21 (5 युवक, 16 युवती) अन्यः 3566 युवक, युवती एवं एनआरआई पंजीयन (कुल 86) अमेरिकाः 41 (30 युवक, 11 युवती) ब्रिटेन यूके 12 (6 युवक, 6 युवती) यूएईः 6 (4 युवक, 2 युवती) कनाडारू 4 (4 युवक, 0 युवती) जर्मनीरू 4 (4 युवक, 0 युवती) ऑस्ट्रेलियाः 5 (4 युवक, 1 युवती) अन्य देशोंरू 14 युवक एवं युवतियो के पंजीयन हो चुके हैं। आयोजन समिति के अध्यक्ष मनोहर लाल टोंग्या एवं महामंत्री इंजिनियर विनोद जैन ने कहा कि 2 किलो वजनी वर-वधु स्मारिका पूरी तरह बहुरंगीन एवं आर्ट पेपर पर प्रिंट होगी। जिसका वजन लगभग 2 किलो रहेगा। प्रविष्टियां पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर प्रकाशित की गई है। प्रत्याशियों के पंजीयन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से प्राप्त किए गए हैं। महामंत्री विनोद जी ने कहा कि इस वर्ष आयोजित परिचय सम्मेलन इको फ्रेंडली होगा।

परिचय सम्मेलन सेवा समिति के अध्यक्ष मनोहरलाल जैन (टोंग्या) ने बताया कि आयोजन पूरी तरह इको फ्रेंडली और जीरो वेस्ट रहेगा। सम्मेलन में सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग प्रतिबंधित है। पानी के लिए तांबे के लोटे, चाय के लिए कुल्हड़ और भोजन के लिए स्टील की थाली, ग्लास और चम्मच का उपयोग किया जाएगा। पानी की प्लास्टिक बोतल लेकर आने पर उसका निस्तारण नगर निगम के नियमों के तहत किया जाएगा। सम्मेलन स्थल पर कुंडली मिलान केंद्र और वर वधू पक्ष के लिए मिलन केंद्र और एलईडी स्क्रीन भी लगाई जाएगी।

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