सड़क दुर्घटना में समाधिस्थ हुईं पूज्य आर्यिका मां श्रुतमति जी एवं पूज्य आर्यिका मां उपशममति जी की स्मृति में शनिवार रात्रि श्री चन्द्रप्रभु जिनालय, मड़ावरा रोड में सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा विनयांजलि सभा आयोजित की गई। पढ़िए, महरौनी की यह खबर…
महरौनी। सड़क दुर्घटना में समाधिस्थ हुईं पूज्य आर्यिका मां श्रुतमति जी एवं पूज्य आर्यिका मां उपशममति जी की स्मृति में शनिवार रात्रि श्री चन्द्रप्रभु जिनालय, मड़ावरा रोड में सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा विनयांजलि सभा आयोजित की गई। सभा में बड़ी संख्या में समाज के महिला-पुरुषों ने उपस्थित होकर आर्यिकाओं के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में भैयाजी अतिशय शास्त्री, अक्षय शास्त्री, दिगम्बर जैन पंचायत समिति अध्यक्ष पवन मोदी, वीरेंद्र डोगरया, प्रशांत सिंघई, अभय घिया,पंकज सिंघई, नरेंद्र मलैया संयोजक, ऋषभ मलैया व्यवस्थापक ,अनिल सिलौनया, आनंद सराफ, प्रवीण सिंघई, सुनील डेवडिया, कुलदीप जैन, महेंद्र खिरिया, राजेश सराफ, नीलेश सराफ, मनीष, संजय सिलौनया, राजेश मलैया, पवन घिया, पारस जैन, अंतिम जैन, परिधि सराफ, कीर्ति मलैया, सपना मलैया, लवली, महिमा, रश्मि, कल्पना, सीमा, अर्चना, सिम्पी, रक्षा, मिनी सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे। संचालन नितिन शास्त्री ने किया।
साधु-संतों एवं आर्यिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो
सभा के दौरान वक्ताओं ने आर्यिकाओं के त्याग, तप और संयममय जीवन को स्मरण करते हुए भावभीनी विनयांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि पूज्य माताजी का जीवन धर्म, साधना और आत्मसंयम की अनुपम प्रेरणा रहा है। कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण श्रद्धा और भावनाओं से ओतप्रोत बना रहा। इस अवसर पर समाजजनों ने सरकार से मांग की कि देशभर में पदविहार करने वाले साधु-संतों एवं आर्यिकाओं की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। वक्ताओं ने कहा कि सड़क मार्गों पर पदविहार के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
मौन रैली 25 मई को
सकल दिगम्बर जैन समाज महरौनी द्वारा 25 मई को प्रातः 8 बजे विशाल मौन विरोध प्रदर्शन किए जाने की घोषणा भी की गई। मौन रैली श्री अजितनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर जी से प्रारंभ होकर उपजिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचेगी, जहां सामूहिक ज्ञापन सौंपा जाएगा। समाजजनों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर एकता प्रदर्शित करने का आह्वान किया गया। अंत में सामूहिक प्रार्थना कर दिवंगत आर्यिकाओं की आत्मशांति की कामना की गई।













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