शहर स्थित श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर, गौरी किनारा में आज श्री 1008 सुमतिनाथ भगवान का जन्मकल्याणक, तपकल्याणक एवं मोक्षकल्याणक महोत्सव अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। पढ़िए सोनल जैन की रिपोर्ट…
भिंड। शहर स्थित श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर, गौरी किनारा में आज श्री 1008 सुमतिनाथ भगवान का जन्मकल्याणक, तपकल्याणक एवं मोक्षकल्याणक महोत्सव अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। प्रातः 7 बजे भगवान श्री सुमतिनाथ के अभिषेक के अंतर्गत प्रथम कलश करने का सौभाग्य श्री महेंद्र शैलू समर्थ जैन (LIC) को प्राप्त हुआ। वहीं शांतिधारा करने का सौभाग्य श्री अनीश जैन एवं अक्षत जैन को प्राप्त हुआ। महाआरती का पुण्य लाभ श्री विराग विशुद्ध बहु मंडल, किला गेट एवं चंद्रप्रभु महिला मंडल को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर सभी भक्तों ने भक्ति भाव से पूजा-अर्चना की तथा श्रद्धापूर्वक निर्वाण लाडू अर्पित किए। कार्यक्रम के संयोजक शैलू जैन (LIC) ने जानकारी देते हुए बताया कि श्री 1008 सुमतिनाथ भगवान का जन्म चैत्र शुक्ल एकादशी को अयोध्या जी में हुआ था। इसी तिथि को भगवान ने केवलज्ञान प्राप्त किया तथा तीर्थराज सम्मेदशिखर के अविचल कूट से मोक्ष प्राप्त किया। निर्वाण लाडू चढ़ाने का प्रथम सौभाग्य श्री चंद्रप्रभु युवा समिति, गौरी किनारा भिंड को प्राप्त हुआ।
द्वितीय लाडू चढ़ाने का सौभाग्य चंद्रप्रभु बालिका मंडल को तथा तृतीय लाडू चढ़ाने का सौभाग्य चंद्रप्रभु महिला मंडल को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर आशु, सौरभ, राहुल, कृष्णा, राजेश, गोपाल, दीपक, दीपू, शैलेन्द्र, अशोक जैन, रूबी, पुष्पा, सरोज, सीमा, अनीता, बिटिया सृष्टि, वाणी, लवी सहित अनेक श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से निर्वाण लाडू अर्पित किए। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने भगवान की आराधना कर धर्मलाभ प्राप्त किया।













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