भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी ने अपने 125वें स्थापना वर्ष पर देशव्यापी “चल-अचल तीर्थ सुरक्षा एवं जन-जागरूकता महामहोत्सव” की घोषणा की। अभियान का शुभारंभ 21-22 अक्टूबर 2026 को सिद्धक्षेत्र मथुरा चौरासी से होगा। पढ़िए श्रीफल साथी शुभम जैन की यह रिपोर्ट।
आगरा। भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के 125वें स्थापना वर्ष (शतकोत्तर रजत महोत्सव) के उपलक्ष्य में वर्षभर चलने वाले “चल-अचल तीर्थ सुरक्षा एवं जन-जागरूकता महामहोत्सव” की घोषणा सोमवार को श्री नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, अतिशय क्षेत्र नसियाजी, आगरा में आयोजित भव्य पत्रकार वार्ता में की गई। यह कार्यक्रम आचार्य श्री सौभाग्यसागर जी महाराज एवं स्थविर संत सुरत्न सागराचार्य जी महाराज ससंघ के मंगल सान्निध्य में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर समिति की 125वें स्थापना वर्ष की स्मारिका का भी विधिवत विमोचन किया गया।
125वें स्थापना वर्ष का राष्ट्रीय अभियान
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जम्बू प्रसाद जैन ने बताया कि कमेटी 22 अक्टूबर 2026 से 22 अक्टूबर 2027 तक देशभर में तीर्थ सुरक्षा एवं जन-जागरूकता का व्यापक अभियान चलाएगी। उन्होंने कहा कि जैन तीर्थों, प्राचीन जिनालयों, धार्मिक धरोहरों एवं साधु-संतों से जुड़े विषयों के संरक्षण के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को संगठित करना समय की आवश्यकता है।
मथुरा चौरासी से होगा शुभारंभ
शतकोत्तर रजत महोत्सव समिति के अध्यक्ष श्री जवाहरलाल जैन ने बताया कि राष्ट्रव्यापी अभियान का शुभारंभ 21 एवं 22 अक्टूबर 2026 को अंतिम श्रुतकेवली जम्बूस्वामी की मोक्षस्थली सिद्धक्षेत्र मथुरा चौरासी से होगा, जहां लगभग 125 वर्ष पूर्व भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी की स्थापना हुई थी। अभियान का समापन 22 अक्टूबर 2027 को सिद्धक्षेत्र श्री सम्मेद शिखरजी में किया जाएगा।
वर्षभर होंगे जन-जागरूकता कार्यक्रम
महामहोत्सव के अंतर्गत देशभर में तीर्थ सुरक्षा यात्राएं, सम्मेलन, कार्यशालाएं, जन-जागरूकता अभियान तथा सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वर्षायोग स्थलों पर “तीर्थ सुरक्षा कलश” तथा जिनालयों में “तीर्थ रक्षा गुल्लक” स्थापित किए जाएंगे, जिससे प्रत्येक श्रद्धालु तीर्थ संरक्षण के इस अभियान में सहभागी बन सके।
युवाओं और विशेषज्ञों की होगी सहभागिता
समिति ने बताया कि अभियान में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, न्यायविदों, अधिवक्ताओं, शिक्षाविदों, उद्योगपतियों, महिला संगठनों, युवा वर्ग, आईटी प्रोफेशनल्स, पत्रकारों तथा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं को जोड़कर तीर्थ सुरक्षा का सशक्त राष्ट्रीय तंत्र विकसित किया जाएगा। सोशल मीडिया एवं डिजिटल माध्यमों से भी व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
सेवाधर्मियों का होगा सम्मान
उद्घाटन समारोह में पिछले 125 वर्षों में तीर्थ संरक्षण, विकास एवं सेवा कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सेवाधर्मियों एवं उनके परिजनों का सम्मान किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदीप जैन (पीएनसी), मनोज जैन बाकलीवाल, जगदीश प्रसाद जैन, शरद जैन, राजेश जैन, मीडिया प्रभारी कुमार मंगलम, शुभम जैन सहित समिति के अनेक पदाधिकारी एवं गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।













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