Tag - प्रवचन

समाचार

धर्म की रक्षा करोगे तो वह तुम्हारी रक्षा करेगा: मुनिश्री सुधासागर जी ने बताई धर्म, कर्म और कर्तव्य की महत्ता

मुनिश्री सुधासागर जी की धर्मसभा इन दिनों कटनी क्षेत्र में जैन समाज के लोगों को जीवन के विभिन्न रहस्यों और जिम्मेदारियों से परिचय करवा रही है। मुनिश्री के...

समाचार

80 वर्षों बाद भव्य वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव: खरगोन जैन मंदिर में 14 से 16 अप्रैल तक होगा कार्यक्रम

श्री दिगंबर जैन पोरवाड़ धर्मशाला समिति नेे वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव समिति का गठन किया है। जिसने 14 से 16 अप्रैल 2025 तक वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव निर्धारित किया है।...

लाइफ मैनेजमेंट समाचार

Life Management-34 जीवन का प्रबंधन-यत्न पूर्वक चेष्टा करें : शब्द की ताकत शस्त्र से ज्यादा होती है-भगवान महावीर की दृष्टि में

शब्द के बगैर मानव गूंगा ही है साथ ही बेकार और आधारहीन है। मुनि विनय कुमार आलोक कहते है-‘शब्दों की ताकत, तलवार और गोली की ताकत से भी अधिक होती है। शब्दों के...

दोहों का रहस्य समाचार

दोहों का रहस्य -66 सच्ची भक्ति वही है जो हृदय से, श्रद्धा और समर्पण के साथ की जाती है : अहंकार छोड़कर, प्रेम, श्रद्धा और भक्ति के मार्ग पर चलना चाहिए

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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पांच विष विवाद, अज्ञान, ईर्ष्या, चिंता और कुटिलता : :मुनि श्री आदित्य सागर जी ने धर्मसभा में दिए प्रवचन

मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज ने बुधवार को दिगंबर जैन श्री आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में विराजित हैं। बुधवार को मुनि श्री ने धर्म सभा में प्रवचन दिए। इसमें...

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धर्म, संस्कार, संयम, त्याग, प्रभु की भक्ति से ओतप्रोत हैं भक्त: मुनि श्री सुधासागर जी की धर्मसभा से जाग रही है आध्यात्मिक चेतना

मुनि श्री सुधासागर जी महाराज इन दिनों धर्मसभा में जैन समाज के श्रावक-श्राविकाओं को अपने प्रबोधन से धर्म, संस्कार, संयम, त्याग, प्रभु की भक्ति आदि के बारे में...

लाइफ मैनेजमेंट समाचार

Life Management-33 जीवन का प्रबंधन-यत्न पूर्वक चेष्टा करें : अधिक बोलना उथलापन है- भगवान महावीर की दृष्टि में

सभी व्यक्तियों का स्वभाव अलग-अलग होता है। हम किसी की तुलना किसी से नहीं कर सकते। परंतु बोलने के संदर्भ में हम यह अवश्य कह सकते हैं कि किसी को भी हम टका-सा जवाब...

दोहों का रहस्य समाचार

दोहों का रहस्य -65 बाहरी दुनिया में भटकने के बजाय अपने भीतर की यात्रा करें : जब तक हम स्वयं को नहीं पहचानते, तब तक हम दुनिया में भटकते रहेंगे

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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घर-परिवार समाज में सभी के साथ प्रेम, प्रीति और विनय का भाव रखें-श्री आदित्य सागरजीः निंदा नहीं, गुणों की प्रशंसा करें

व्यक्ति का व्यवहार ही उसकी पूंजी है। उसके व्यवहार से ही वह पहचाना जाता है। विनम्रता व्यवहार में दिखना भी चाहिए तभी किसी व्यक्ति से उसका जुड़ाव होगा। प्रीति नहीं...

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जिनका मन साफ होता है,उनका जीवन आईने की तरह होता है-श्री आदित्य सागरजीः दूसरों का भला करने से ही आपका भला होगा

जिनका मन साफ होता है, उनका जीवन आईने की तरह होता है। जिनके मन में चोर होता है, उनका जीवन काजल की डिब्बी की तरह होता हैं। यह बात अपने प्रवचन में श्री आदित्य...

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