Tag - इंदौर

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मीठे वचन, झुकी हुई दृष्टि और उपकार का भाव ही सच्ची मार्दवता है: अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्यसागर जी महाराज ने समझाया मार्दव धर्म का महत्व 

परिवहननगर में शुक्रवार को अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज के सानिध्य में पर्युषण पर्व के दूसरे दिन मार्दव धर्म पर कार्यक्रम हुए। सुबह भगवान का अभिषेक...

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धूप दशमी और अनंत चतुर्दशी का विशेष महत्व : पर्युषण पर्वराज 28 अगस्त से 6 सितंबर तक मनाया जाएगा 

पर्वराज पर्युषण पूरे भारत में दिगंबर जैन समाज बड़ी भक्ति भाव से मनाएगा। नगर के सभी जिनालयों में पर्व राज पर्यूषण महापर्व की विशेष साज सज्जा के साथ तैयारी की गई...

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बीसवीं सदी के प्रथमाचार्य आचार्य श्री शान्तिसागर जी के समाधि दिवस पर विशेष : दिगंबर साधु परंपरा के पुनरुत्थान और समाधि का अप्रतिम उदाहरण

हमारे वीतरागी संत केवल अपना ही नहीं, बल्कि समस्त जीव जगत का कल्याण करते हैं। समाज और राष्ट्र को उनका योगदान अतुलनीय है। बीसवीं शताब्दी में इस परंपरा के...

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अंतरराष्ट्रीय दिगंबर जैन पोरवाड़ सामाजिक मंच का वार्षिक अधिवेशन सम्पन्न : अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज के सानिध्य में हुआ भव्य आयोजन

अंतरराष्ट्रीय दिगंबर जैन पोरवाड़ सामाजिक मंच का वार्षिक अधिवेशन एवं साधारण सभा रविवार, 24 अगस्त को मोदीजी की नसिया, बड़े गणपति, इंदौर में आयोजित हुई। यह आयोजन...

दोहों का रहस्य समाचार

दोहों का रहस्य -166 व्यवहार में सिर्फ बाहरी छवि देखकर निर्णय न करें : हर उज्ज्वल चेहरा सच्चा नहीं होता

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

दोहों का रहस्य समाचार

दोहों का रहस्य -165 हर जीवात्मा में है परमात्मा का वास : असली भक्ति भीतर के ईश्वर को अनुभव करने में है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

दोहों का रहस्य समाचार

दोहों का रहस्य -164 जीवन में कभी दिखावे से प्रभावित नहीं होना चाहिए : असली मूल्य आचरण और सच्चाई हैं

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

दोहों का रहस्य समाचार

दोहों का रहस्य -163 सच बोलो चाहे वो कड़वा ही क्यों न हो : धर्म का मूल आधार प्रेम और सत्य है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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स्व को जानने और जगाने का पर्वाधिराज है पर्युषण : तप, संयम और धर्म रक्षा के संकल्प को पूरा करते हैं श्रावक-श्राविकाएं 

जैन समाज के पर्वाधिराज पर्युषण को लेकर समाजजनों में धार्मिक उल्लास तो है ही, साथ ही इस उत्साह के साथ इसका इंतजार किया जा रहा है कि अब यह वह समय है जब हम स्व को...

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आचार्य श्री ने किया केशलोचन, धर्मसभा में गूंजी वैराग्य की वाणी : ज्ञान आत्मा का दर्पण है -आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

टोंक नगर में आयोजित धर्मसभा में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने मंगल देशना देते हुए कहा कि ज्ञान आत्मा का दर्पण है जिसके द्वारा अपनी कमियों को सुधारा जा सकता...

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