आचार्य श्री निर्भयसागर जी महाराज ने छीपीटोला स्थित जैन भवन में श्रुत पंचमी महापर्व की पूर्व बेला पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रुत पंचमी जैन समाज...
Tag - Self-Awakening
जब संसार का समस्त वैभव काल की धूल में विलीन हो जाता है, जब राजसत्ताएँ, साम्राज्य और सभ्यताएँ इतिहास के पृष्ठों में सिमट जाती हैं, तब भी यदि कुछ अमर रहता है तो...
जहां भय समाप्त होता है, वहीं से धर्म की शुरुआत होती है। मनुष्य के जीवन में जैसे ही धर्म शब्द प्रवेश करता है, उसके मन में अनेक प्रश्न जन्म लेने लगते हैं। यह...








