राजस्थान के देहरा अतिशय क्षेत्र में 19 जुलाई को श्रमणाचार्य श्री 108 विमर्श सागर जी महामुनिराज ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश होगा। चार माह के चातुर्मास में प्रवचन, आराधना एवं 20 से 28 जुलाई तक सिद्धचक्र महामण्डल विधान और विश्वशांति महायज्ञ का आयोजन होगा। पढ़िए श्रीफल साथी सोनल जैन की यह रिपोर्ट।
तिजारा (राजस्थान)। श्री 1008 चन्द्रप्रभु दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, देहरा में इस वर्ष का चातुर्मास धर्म, अध्यात्म एवं संस्कृति का विराट संगम बनने जा रहा है। चातुर्मास समिति अध्यक्ष सुरेश जैन ने बताया कि परम पूज्य श्रमणाचार्य श्री 108 विमर्श सागर जी महामुनिराज ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश 19 जुलाई 2026 को प्रातः देहरा तीर्थ में होगा। गुरुवर के आगमन को लेकर सम्पूर्ण क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का वातावरण व्याप्त है।
प्रचार मंत्री उमंग जैन ने बताया कि मुनि संघ प्रातः लगभग 7:30 बजे देहरा पहुंचेगा। मंगल प्रवेश मार्ग को तोरण द्वारों, पुष्प सज्जा, रंगोलियों, धर्मध्वजाओं एवं स्वागत बैनरों से आकर्षक रूप दिया जा रहा है। श्रद्धालु मंगल कलश, आरती, पुष्पवर्षा एवं जयघोष के साथ गुरुवर का अभिनंदन करेंगे। देहरा, तिजारा, खैरथल, भिवाड़ी, अलवर, दिल्ली, गुरुग्राम, रेवाड़ी सहित अनेक नगरों से हजारों श्रद्धालुओं के उपस्थित रहने की संभावना है।
देहरा जैन मंदिर अध्यक्ष मुकेश जैन, महामंत्री नरेंद्र जैन तथा वरुण जैन, अमन जैन, शैलू जैन एवं शिंभू जैन ने बताया कि चातुर्मास के चार माह के दौरान प्रतिदिन प्रातः एवं सायंकाल धर्मसभा, मंगल प्रवचन, स्वाध्याय, शंका समाधान, जिनेन्द्र भगवान का अभिषेक, शांतिधारा, पूजन, सामूहिक आराधना, भक्ति तथा विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
गुरुवर अपने प्रेरणादायी प्रवचनों के माध्यम से अहिंसा, सत्य, संयम, आत्मकल्याण, संस्कार और सदाचार का संदेश देंगे। उनके सान्निध्य में श्रद्धालुओं को आत्मचिंतन, आत्मशुद्धि और धर्म आराधना का दुर्लभ अवसर प्राप्त होगा।
इसी क्रम में 20 जुलाई से 28 जुलाई 2026 तक श्री सिद्धचक्र महामण्डल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ का भव्य आयोजन होगा। नौ दिवसीय इस महाआयोजन में देशभर से इन्द्र-इन्द्राणियां, विधानाचार्य, संगीत मंडलियां एवं हजारों श्रद्धालु सहभागिता करेंगे। भगवान जिनेन्द्र की आराधना, विश्वशांति, राष्ट्र की उन्नति, समाज की समृद्धि तथा समस्त जीवों के कल्याण की मंगल भावना के साथ यह आयोजन सम्पन्न होगा।
समिति ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से परिवार सहित उपस्थित होकर गुरुवर के दर्शन, वंदन एवं मंगल प्रवचनों का लाभ लेने तथा सिद्धचक्र महामण्डल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ में सहभागिता कर धर्मलाभ अर्जित करने की अपील की है। देहरा तीर्थ का यह चातुर्मास क्षेत्र के सबसे ऐतिहासिक एवं स्मरणीय धार्मिक आयोजनों में से एक माना जा रहा है।













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