जगद्गुरु कर्मयोगी स्वस्ति श्री चारुकीर्ति भट्टारक महा स्वामी जी का जीवन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की उनकी अद्वितीय...
Tag - religious meeting
चर्या शिरोमणि पूज्य आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य जैन मुनि श्री सुयश सागर जी महाराज एवं क्षुल्लक श्रेय सागर जी महाराज ससंघ का मंगल...
हमारे जीवन में स्वाध्याय और आत्मचिंतन (अक्षर कलश) को शामिल करना अत्यंत आवश्यक है। वर्तमान समय में जब हम भौतिकता के दौर में जी रहे हैं, आत्मिक शांति और ज्ञान की...
एयरपोर्ट रोड, अंजनि नगर स्थित श्री चंद्रप्रभु मांगलिक भवन पर आचार्य श्री उदारसागरजी महाराज ससंघ का पिच्छी परिवर्तन समारोह धूमधाम से संपन्न हुआ। इस समारोह में...
कुछ आत्माएं स्वयंभू होती हैं, जो पहले से ही इतनी तैयारी कर लेती हैं कि उन्हें वर्तमान जीवन जीने के लिए विशेष परिश्रम नहीं करना पड़ता। कुछ अच्छे विद्यार्थी होते...
अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज के सानिध्य में नवग्रह अतिशय क्षेत्र, ग्रेटर बाबा परिसर में मुनि दर्शन सागर महाराज के समाधिमरण के बाद रविवार को श्रद्धांजलि सभा...
जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...
भट्टारक परंपरा 5वीं 6वीं शताब्दी से चली आ रही है और यह एक प्रतिष्ठित परंपरा है; परंपरा धर्मिक अधिकार का एक विशेष रूप है जो प्रारंभिक दिगंबर जैनियों से विकसित...
श्री दिगंबर जैन महासंस्थान मठ श्रवणबेलगोला के पूर्व भट्टारक जगतगुरु कर्मयोगी स्वस्तिश्री चारुकीर्ति भट्टारक महास्वामीजी के चरण का प्रतिष्ठापन गुरुवार, 5 दिसंबर...
जैन धर्म में रथ यात्रा की परंपरा पुरानी है। अजमेर का स्वर्ण रथ इस परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे सबसे पुराना रथ माना जाता है। यह रथ मूल रूप से लकड़ी...








