Tag - religious meeting

समाचार

जगद्गुरु स्वस्ति श्री चारुकीर्ति भट्टारक महा स्वामी जी का 55वां दीक्षा दिवस : एक जीवन जो समाज को नई दिशा दे गया

जगद्गुरु कर्मयोगी स्वस्ति श्री चारुकीर्ति भट्टारक महा स्वामी जी का जीवन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की उनकी अद्वितीय...

समाचार

सम्मेदशिखर जी से दुर्ग की ओर बढ़े चले कदम : मुनि श्री सुयश सागर जी महाराज एवं क्षुल्लक श्रेय सागर जी महाराज ससंघ का मंगल विहार शुरू

चर्या शिरोमणि पूज्य आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य जैन मुनि श्री सुयश सागर जी महाराज एवं क्षुल्लक श्रेय सागर जी महाराज ससंघ का मंगल...

समाचार

आत्मचिंतन से शाश्वत प्रेरणा तक स्वामी जी का संदेश : अक्षर कलश और बाहुबली की प्रतिमा है आध्यात्मिक विचारों और संस्कृति का संगम

हमारे जीवन में स्वाध्याय और आत्मचिंतन (अक्षर कलश) को शामिल करना अत्यंत आवश्यक है। वर्तमान समय में जब हम भौतिकता के दौर में जी रहे हैं, आत्मिक शांति और ज्ञान की...

समाचार

आचार्य श्री उदारसागरजी महाराज ससंघ का पिच्छी परिवर्तन समारोह : श्रावक और संतों के सामंजस्य से ही चातुर्मास सार्थक होता है – आचार्य श्री उदारसागरजी महाराज

 एयरपोर्ट रोड, अंजनि नगर स्थित श्री चंद्रप्रभु मांगलिक भवन पर आचार्य श्री उदारसागरजी महाराज ससंघ का पिच्छी परिवर्तन समारोह धूमधाम से संपन्न हुआ। इस समारोह में...

समाचार

धर्मसभा में दिए प्रवचन : जो-जो तुम्हारे ऊपर अंधविश्वास करते हैं, उनसे कभी विश्वासघात मत करना-मुनि श्री सुधासागर जी महाराज

कुछ आत्माएं स्वयंभू होती हैं, जो पहले से ही इतनी तैयारी कर लेती हैं कि उन्हें वर्तमान जीवन जीने के लिए विशेष परिश्रम नहीं करना पड़ता। कुछ अच्छे विद्यार्थी होते...

समाचार

नवग्रह अतिशय क्षेत्र में मुनि दर्शन सागर महाराज को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन : मनुष्य जन्म की सार्थकता समाधिमरण से होती है – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज 

अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज के सानिध्य में नवग्रह अतिशय क्षेत्र, ग्रेटर बाबा परिसर में मुनि दर्शन सागर महाराज के समाधिमरण के बाद रविवार को श्रद्धांजलि सभा...

तीर्थ यात्रा

अतिशय तीर्थ पार्ट 17 मूर्ति प्रकट होने के बाद इलाके में आई समृद्धि और खुशहाली यहां दर्शन मात्र से दूर होती हैं भूत-प्रेत की समस्याएं या परेशानियां

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

समाचार

मुनि और श्रावक समाज के बीच कड़ी के रूप में एक प्रणाली है भट्टारक परंपरा : देव, शास्त्र, गुरु और संघ की रक्षा का भार लिए हुए भट्टारक 

भट्टारक परंपरा 5वीं 6वीं शताब्दी से चली आ रही है और यह एक प्रतिष्ठित परंपरा है; परंपरा धर्मिक अधिकार का एक विशेष रूप है जो प्रारंभिक दिगंबर जैनियों से विकसित...

समाचार

धार्मिक आयोजन में रही प्रमुख भट्टारकों की उपस्थिति : श्रवणबेलगोला में भट्टारक स्वामीजी के चरण प्रतिष्ठापन का आयोजन

श्री दिगंबर जैन महासंस्थान मठ श्रवणबेलगोला के पूर्व भट्टारक जगतगुरु कर्मयोगी स्वस्तिश्री चारुकीर्ति भट्टारक महास्वामीजी के चरण का प्रतिष्ठापन गुरुवार, 5 दिसंबर...

समाचार

अजमेर का स्वर्ण रथ है रथ यात्रा की परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा : सोनीजी के मंदिर में रखा जाता है सुरक्षा के साथ 

जैन धर्म में रथ यात्रा की परंपरा पुरानी है। अजमेर का स्वर्ण रथ इस परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे सबसे पुराना रथ माना जाता है। यह रथ मूल रूप से लकड़ी...

You cannot copy content of this page