जिले के श्री पार्श्वनाथ प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर में मंदिर प्रबंधन समिति ने ऐतिहासिक निर्णय लेकर भारत वर्षीय जैन समाज को संदेश दिया कि श्रद्धालुओं के लिए शालीन पहनावे को लेकर नई पहल शुरूआत की है। बागपत से पढ़िए, यह खबर…
बागपत। जिले के श्री पार्श्वनाथ प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर में मंदिर प्रबंधन समिति ने ऐतिहासिक निर्णय लेकर भारत वर्षीय जैन समाज को संदेश दिया कि श्रद्धालुओं के लिए शालीन पहनावे को लेकर नई पहल शुरूआत की है। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि मंदिर परिसर में ड्रेस कोड संबंधी साइन बोर्ड लगाए गए हैं, जो स्थानीय ही नहीं, दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं का भी ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। मंदिर ट्रस्ट समिति की अपील की है कि कोई भी श्रद्धालु भारतीय संस्कृति के अनुरूप मर्यादित वस्त्र पहनकर भारतीय वेशभूषा में ही मंदिर में प्रवेश करें। बोर्ड में जींस-टॉप, स्कर्ट, बरमूडा और हाफ पैंट जैसे आधुनिक परिधानों से परहेज करने को कहा गया है। साथ ही महिलाओं और बालिकाओं से सिर ढककर मंदिर में प्रवेश करने की अपील भी की गई है। ट्रस्ट कमेटी के इस प्रेरणा दायक निर्णय का इंदौर दिगम्बर जैन समाज के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ.जैनेन्द्र जैन महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित कासलीवाल, राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के मयंक जैन, टीके वेद, हंसमुख गांधी, भूपेंद्र जैन, सुशील पांड्या, प्रदीप बड़जात्या एवं फेडरेशन की राष्ट्रीय शिरोमणि संरक्षिका पुष्पा कासलीवाल, महिला परिषद् की मुक्ता जैन एवं रेखा जैन श्रीफल ने भारत वर्षीय समाजजन के लिए बहुत ही अनुकरणीय पहल बताया और ट्रस्ट कमेटी को बधाई दी।
मर्यादित वस्त्रों की व्यवस्था: समिति ने यह भी निर्णय लिया है कि जो श्रद्धालु अनजाने में मर्यादा के अनुकूल वस्त्र पहनकर नहीं आ पाए तो उनके लिए मंदिर परिसर में मर्यादित वस्त्रों की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि कोई भी श्रद्धालु दर्शन से वंचित न रहे। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि यह कदम मंदिर की पवित्रता, गरिमा एवं भारतीय संस्कृति को बनाए रखने के लिए उठाया गया है। दिगंबर जैन परंपरा में मंदिर त्याग, वैराग्य एवं आत्म-साधना का केंद्र है, इसलिए यहाँ शालीन वेशभूषा आवश्यक है। यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा में है। कई अन्य जैन मंदिरों में भी इस तरह की पहल की माँग उठ रही है।













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