राष्ट्रसंत, तीर्थचक्रवर्ती, निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव 108 श्री सुधासागर जी महाराज ससंघ का वर्ष 2026 का चातुर्मास इंदौर के छत्रपति नगर स्थित आदिनाथ जिनालय, दालाल बाग में सुनिश्चित हुआ है। यह इंदौर के लिए ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक गौरव का अवसर माना जा रहा है। पढ़िए श्रीफल साथी राजेश जैन दद्दू की यह रिपोर्ट।
इंदौर। सर सेठ हुकुमचंद जी एवं लोकमाता देवी अहिल्याबाई की धर्मनगरी इंदौर के लिए ऐतिहासिक एवं परम सौभाग्य का अवसर आया है। राष्ट्रसंत, तीर्थचक्रवर्ती, निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव 108 श्री सुधासागर जी महाराज ससंघ का वर्ष 2026 का पावन वर्षायोग (चातुर्मास) छत्रपति नगर स्थित तीर्थस्वरूप आदिनाथ जिनालय, दालाल बाग, इंदौर में सुनिश्चित हुआ है।
इंदौर को मिला आध्यात्मिक सौभाग्य
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने जानकारी देते हुए कहा कि यह घोषणा इंदौर के लिए अत्यंत गौरव, श्रद्धा और आध्यात्मिक सौभाग्य का विषय है। पूज्य गुरुदेव के चातुर्मास से इंदौर की धरा धन्य होगी तथा श्रद्धालुओं को धर्म, संयम और आत्मकल्याण का दुर्लभ अवसर प्राप्त होगा।
धर्मप्रेमियों से सहभागिता का आह्वान
राजेश जैन दद्दू ने देशभर के धर्मप्रेमी समाजजनों से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में इंदौर पहुँचकर पूज्य गुरुदेव के मंगल सान्निध्य, दिव्य प्रवचनों एवं आत्मकल्याणकारी मार्गदर्शन का लाभ प्राप्त करें।
संतों का आगमन बनाता है तीर्थ
उन्होंने कहा कि जब ऐसे महान तपस्वी संत किसी नगरी में विराजते हैं, तो वह स्थान स्वयं तीर्थ बन जाता है। गुरुवर के चरण जहाँ पड़ते हैं, वहाँ धर्म, संयम और आध्यात्मिक जागरण की गंगा प्रवाहित होती है।
धर्मप्रभावना का महापर्व
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2026 का यह चातुर्मास इंदौर के लिए केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा, संयम, साधना और धर्मप्रभावना का महापर्व सिद्ध होगा, जिसकी प्रेरणा और प्रभाव वर्षों तक समाज को प्राप्त होता रहेगा।













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