मुनि श्री विवर्धन सागर जी और श्रमण श्री विश्वभद्र सागर जी महाराज के सानिध्य में आदिश्वर महा अर्चना भक्तामर विधान किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रावक...
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श्री विशुद्ध सागरजी के शिष्य श्री आदित्य सागरजी, अप्रमित सागरजी, आराध्य सागरजी, सहज सागरजी एवं क्षुल्लक श्रेयस सागरजी ससंघ के सानिध्य में सर्वाेदय पार्श्वनाथ...
सागवाड़ा के दिगंबर जैन बोर्डिंग परिसर में शुक्रवार को रंगोत्सव मनाया गया। जैन युवा मंच का यह संयोजन था। इसमें रंगोत्सव के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। युवक...
परिमित भोजन का अर्थ यह हैं कि उचित मात्रा में भोजन को ग्रहण करना है। वह भोजन जो गरिष्ठ न हो और हमें बीमारियों से बचाने वाला हो। जो स्मरण शक्ति को भी कमजोर न...
मुनि श्री विशद सागर महाराज के सानिध्य में हो रहे सिद्ध चक्र महामंडल विधान में 512 अर्ध समर्पित किए गए।चांदखेड़ी तीर्थ क्षेत्र में भगवान आदिनाथ का जन्म कल्याणक...
हितकारी आहार से आशय यह हैं कि कुछ भोजन ऐसे होते हैं जिनकी तासीर अथवा गुण आपस में मिलते है। इसका अर्थ यह हैं कि ये एक-दूसरे के अनुकूल होते है, जिन्हे हम हितकारी...
भारत गौरव आचार्यश्री पुलक सागरजी के आर्शीवाद से प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी अष्टान्हिका महापर्व व होली के पावन पर्व पर पुलक मंच परिवार की ओर से आदिनाथ...
पूज्यता ऐसे ही नहीं आती है। यह गुणों से प्राप्त होती है। पूजा में प्रमाद का कोई स्थान नहीं है। प्रमाद से पूजा के फल की प्राप्ति भी नहीं होती है। उक्त विचार...
जेसीआई एलुमिनी जागृति ने उमंग के साथ होली मिलन समारोह मनाया। संगठन की सदस्यों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाया। फनी टाइटल दिए और होली गीत गाकर आनंद लिया। सभी सदस्यों...
गणाचार्य श्री विराग सागरजी की समाधि स्थली श्री विराग अक्षय तीर्थ, जालना में श्री विशुद्ध सागरजी के मंगल आशीर्वाद से त्रिमूर्ति भगवान विमलनाथ, भगवान अनंतनाथ...








