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चंबल संभाग में 17 मई से प्रारंभ होंगे श्रमण संस्कृति शिक्षण शिविर : 50 से अधिक स्थानों पर होंगे शिक्षण शिविर 


श्रमण संस्कृति शिक्षण शिविरों का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी 17 मई से श्री दिगंबर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान, सांगानेर के तत्वावधान में चंबल संभाग के नगर-नगर एवं गांव-गांव में श्रमण संस्कृति शिक्षण शिविर प्रारंभ होने जा रहे हैं। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह रिपोर्ट…


मुरैना। ग्रीष्मकालीन अवकाश में बच्चों को धार्मिक शिक्षा एवं संस्कार देने के लिए विगत अनेकों वर्षों से जैन श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर के तत्वावधान में श्रमण संस्कृति शिक्षण शिविरों का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी 17 मई से श्री दिगंबर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान, सांगानेर के तत्वावधान में चंबल संभाग के नगर-नगर एवं गांव-गांव में श्रमण संस्कृति शिक्षण शिविर प्रारंभ होने जा रहे हैं। ‎यह शिविर आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज एवं मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज के आशीर्वाद से आयोजित किए जा रहे हैं।

‎चम्बल संभाग शिविर प्रभारी विद्वत् नवनीत जैन शास्त्री एवं सह प्रभारी आशीष जैन शास्त्री के मार्गदर्शन में किया जाएगा। यह शिविर विशेष रूप से नई पीढ़ी को जैन धर्म, जैन दर्शन एवं आत्मकल्याण की शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किए जाते हैं। शिविरों में बालक-बालिकाओं एवं युवाओं को जैन सिद्धांत, पंच परमेष्ठी, णमोकार मंत्र, पूजन-विधान, अभिषेक शांति धारा, सामायिक, प्रतिक्रमण, तत्वज्ञान, मोक्षमार्ग, आत्मा-अनात्मा का विवेक तथा राग-द्वेष से मुक्त होने की प्रेरणा दी जाएगी । ‎‎इसके साथ ही शिविरों में जैन दर्शन से जुड़े विभिन्न ग्रंथों का अध्ययन भी कराया जाता है, जिससे नई पीढ़ी अपने धर्म को समझ सके, आत्मस्वरूप की पहचान कर सके और अपने जीवन को धर्ममय बना सके। पिछले वर्षों में लगभग चंबल संभाग के 50 से अधिक स्थानों पर ऐसे शिविरों का आयोजन किया गया, जिनसे अनेक बालक-बालिकाओं एवं युवाओं के जीवन में धर्म, संयम और आत्मजागरण की भावना विकसित हुई। ‎आज जब नई पीढ़ी अपने मूल धर्म और तत्वज्ञान से दूर होती जा रही है, ऐसे समय में यह शिक्षण शिविर जैन धर्म, आत्मचिंतन और तत्वज्ञान को जन-जन तक पहुँचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं।

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