Tag - discourse

समाचार

अहिंसा राष्ट्र घोषित करने की मांग : संगठन के माध्यम से भोजन वितरण किया गया

विश्व जैन संगठन की ओर से रविवार को माय हॉस्पिटल में “सेवा भाव कर्तव्य हमारा” संस्था के साथ जरूरतमंदों को भोजन वितरण का कार्य किया गया। पढ़िए राजेश...

समाचार

चातुर्मासिक धर्मसभा में दिए प्रवचन : दूसरे की उन्नति को देखकर जलना नहीं, सीखना चाहिए – आचार्य श्री प्रमुख सागर महाराज

दूसरे की उन्नति को देखकर जलना नहीं चाहिये जबकि उसकी उन्नति का क्या कारण है, इसे देखकर उससे सीखना चाहिये और अपनी अवनति के कारण को भी देखना चाहिये। कई बार कारण...

समाचार

चातुर्मासिक धर्मसभा में दिए प्रवचन : महत्वाकांक्षा की कीमत पर मनुष्यता सदैव हारी है – आर्यिका विभाश्री

वासुपूज्य जिनालय के प्रांगण में गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि आज के समय में हर व्यक्ति दुःख से ग्रसित है और उसके दुःख का कारण उसकी...

समाचार

ज्ञानतीर्थ पर बच्चों को समझाया शिक्षा और संस्कार का महत्व : धनार्जन के साथ धर्म आराधना भी जरूरी है -आचार्य ज्ञेयसागर

सप्तम पट्टाचार्य श्री ज्ञेयसागर जी महाराज ने ज्ञानतीर्थ जैन मंदिर मुरैना में धर्मसभा के दौरान बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य के जीवन में अच्छी शिक्षा...

समाचार

जैन मिलन वर्धमान की ओर से आयोजन : गरीब बच्चों को वितरित की गई स्टेशनरी

जैन मिलन वर्धमान ने शासकीय विद्यालय में बच्चों को स्टेशनरी वितरित की। जैन मिलन वर्धमान की क्षेत्रीय संयोजिका सरिता जैन ने बताया कि जैन मिलन की सभी सदस्याओं ने...

समाचार

चातुर्मासिक धर्मसभा में प्रवचन : समझाया भक्तामर के 19वें काव्य का महत्व

मुनि श्री विहसंतसागर महाराज ने कहा कि हमें कभी भी मंदिर की द्रव्य का हरण नहीं करना चाहिए यदि कोई ऐसा करता है तो उसका पुण्य क्षीण हो जाता है। पढ़िए यह विशेष...

समाचार

ज्ञानतीर्थ पर धर्मसभा में बताया संगति का महत्व : दुष्ट व्यक्तियों से सदैव दूरी बनाकर रखना चाहिए -आचार्य ज्ञेयसागर

पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट… मुरैना। संसार में संगति का बहुत महत्व है। हमें संगति का सदैव ध्यान रखना चाहिए। जो मन, कार्य और बुद्धि से परम हंस हैं, उन्हें...

समाचार

जैन मिलन स्वतंत्र की ओर से आयोजन : गरीब बच्चों को वितरित की गई जरूरत की सामग्री

जैन मिलन स्वतंत्र डबरा द्वारा शासकीय माध्यमिक विद्यालय पठर्रा डबरा से लगभग 9 किलोमीटर दूरी पर निर्धन गरीब छात्र एवं छात्राओं को जरूरतमंद स्टेशनरी पाठ्य सामग्री...

समाचार

चातुर्मासिक धर्मसभा में प्रवचन : समझाया भक्तामर के 18वें काव्य का महत्व

मुनि श्री विहसंतसागर महाराज ने कहा कि हमें कभी भी किसी की पड़ी हुई, रखी हुई वस्तु को नहीं उठाना चाहिए क्योंकि जैन आगम में आचार्य भगवंत ने कहा है कि आचौर्य...

समाचार

चातुर्मासिक धर्मसभा में दिए प्रवचन : हमारा भारत कर्म प्रधान देश है – अचार्य प्रमुख सागर महाराज

 कर्म गहन विधान पूजन हमारे जीवन को महान बनाता है। हमारे जीवन में 148 कर्म की प्रकृतियां हैं, वही हमारे शरीर का निर्माण करती हैं, वही हमें सुख- दुख और चारों...

You cannot copy content of this page