Tag - Dharm Sabha

लाइफ मैनेजमेंट समाचार

Life Management-34 जीवन का प्रबंधन-यत्न पूर्वक चेष्टा करें : शब्द की ताकत शस्त्र से ज्यादा होती है-भगवान महावीर की दृष्टि में

शब्द के बगैर मानव गूंगा ही है साथ ही बेकार और आधारहीन है। मुनि विनय कुमार आलोक कहते है-‘शब्दों की ताकत, तलवार और गोली की ताकत से भी अधिक होती है। शब्दों के...

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धर्म, संस्कार, संयम, त्याग, प्रभु की भक्ति से ओतप्रोत हैं भक्त: मुनि श्री सुधासागर जी की धर्मसभा से जाग रही है आध्यात्मिक चेतना

मुनि श्री सुधासागर जी महाराज इन दिनों धर्मसभा में जैन समाज के श्रावक-श्राविकाओं को अपने प्रबोधन से धर्म, संस्कार, संयम, त्याग, प्रभु की भक्ति आदि के बारे में...

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Life Management-33 जीवन का प्रबंधन-यत्न पूर्वक चेष्टा करें : अधिक बोलना उथलापन है- भगवान महावीर की दृष्टि में

सभी व्यक्तियों का स्वभाव अलग-अलग होता है। हम किसी की तुलना किसी से नहीं कर सकते। परंतु बोलने के संदर्भ में हम यह अवश्य कह सकते हैं कि किसी को भी हम टका-सा जवाब...

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Life Management-32 जीवन का प्रबंधन-यत्न पूर्वक चेष्टा करें: वचन संयम, मौन अभ्यास-भगवान महावीर की दृष्टि में

वर्तमान युग में हम सभी को कभी न कभी गुस्सा आता ही है और जब हमें गुस्सा आता है तो क्या होता है ? उस समय होता यह हैं कि हमारा स्वयं पर नियंत्रण नहीं रहता और हमें...

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Life Management 31 जीवन का प्रबंधन-यत्न पूर्वक चेष्टा करें : शतपदगामी वामपार्श्वशायी – भगवान महावीर की दृष्टि में

हमारी यानि विशेषकर शहरी लोगों की डाईट खराब होती जा रही है। क्योंकि डाईट में मैदा, प्रोसेस्ड फूड, फास्ट फूड और मसालेदार चीजों को खाने का चलन बहुत अधिक बढ़ता चला...

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जैन दर्शन के आदिदेव भगवान मंगलकारी हैं : मुनि श्री सुधासागर जी के प्रवचनों का ले रहे धर्म लाभ 

मुनि श्री सुधासागर जी महाराज अपने प्रवचनों के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना से परिचय करवा रहे हैं। वे कटनी के समीप बहोरीबंद अतिशय तीर्थ में विराजित हैं। नित...

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Life Management 30 जीवन का प्रबंधन-यत्न पूर्वक चेष्टा करें : शाकभुक् – शाकाहारी भोजन – भगवान महावीर की दृष्टि में

शाकाहारी भोजन करने का अर्थ यह हैं कि शुद्ध और सात्विक भोजन किया जाना चाहिये। इसे हम यू भी समझ सकते हैं कि किसी भी जीव जिसमें जीवन का अंश हो उसे रंच मात्र भी...

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Life Management 29 जीवन का प्रबंधन-यत्न पूर्वक चेष्टा करें : मितभुक् – परिमित भोजन- भगवान महावीर की दृष्टि में

परिमित भोजन का अर्थ यह हैं कि उचित मात्रा में भोजन को ग्रहण करना है। वह भोजन जो गरिष्ठ न हो और हमें बीमारियों से बचाने वाला हो। जो स्मरण शक्ति को भी कमजोर न...

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Life Management-28 जीवन का प्रबंधन-यत्न पूर्वक चेष्टा करें : हितभुक्-हितकारी भोजन – भगवान महावीर की दृष्टि में

हितकारी आहार से आशय यह हैं कि कुछ भोजन ऐसे होते हैं जिनकी तासीर अथवा गुण आपस में मिलते है। इसका अर्थ यह हैं कि ये एक-दूसरे के अनुकूल होते है, जिन्हे हम हितकारी...

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Life Management 27 जीवन का प्रबंधन-यत्न पूर्वक चेष्टा करें : भोजन रात्रि में न करें – भगवान महावीर की दृष्टि में

सोने और जागने का सभी का समय अलग-अलग हो सकता है। परंतु एक निश्चित समय पर सोना और जागने के नियम का हम पालन करें तो इसके परिणाम सकारात्मक रुप में हमारे सामने आ...

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