Tag - Acharya Shri Vimarsh Sagar Ji

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चेहरे नहीं चरित्र बदलने से बन जाता है आत्मा-परमात्मा: मुजफ्फरनगर की नई मंडी अद्‌भुत तीर्थ क्षेत्र बना 

यान रखो भगवान जैसा रूप एवं स्वरूप पाने के लिए हमें भगवान की जरूरत है, आवश्यकता है। स्वयं के आत्मा को परमात्मा बनाने के लिए हम धर्म अनुयान करते हैं। ऐसा मांगलिक...

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विमर्श उत्सव में आचार्य श्री विमर्श सागर जी को भक्तों ने शुभकामनाएं : शामली में आचार्य श्री का 53वां जन्मोत्सव मनाया

शामली भारत में नंबर वन हुआ है। विमर्श उत्सव” पर गुरु भक्तों ने आचार्य श्री विमर्श सागर जी महाराज के 53 वें जन्मोत्सव पर शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर...

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भक्ति वह ताकत है जो भगवान को भी अपनी ओर खींच लेती है: शामली जैन समाज ने की भावना, विमर्श उत्सव हमारी नगरी में मनाया जाए 

जिनागम पंथ जयवंत हो और आचार्य श्री विमर्शसागर जी महामुनिराज के गगनभेदी जयकारों से संपूर्ण वातावरण गुंजायमान हो गया, जब धर्मनगरी शामली से पधारे दो शतक (200)...

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आचार्य श्री विरागसागर जी की चरणछत्री का शिलान्यास हुआ: आचार्यश्री विमर्शसागर जी के सान्निध्य में हुआ भव्यतम कार्यक्रम 

युगों-युगों तक भव्यजीवों के दुख-संकटों को दूर करती रहेगी आचार्य श्री विराग सागर जी महामुनिराज की चरण छत्री यह उद्बोधन आचार्यश्री विमर्शसागर जी ने दिए। आचार्य...

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द्रव्य पूजा की खींचतान में भावपूजा हो रही नष्ट: आचार्य श्री विमर्श सागर जी जैन समाज के विखंडन में मूल कारण अंतरंग भाव पूजा की कमी 

अप्पोदया प्राकृत टीका पर त्रिदिवसीय राष्ट्रीय विद्वत् संगोष्ठी का आयोजन किया गया। आचार्य श्री विमर्शसागर जी ने श्री योगसार प्राकृत संस्कृत ग्रंथ पर एक हजार...

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जिनगमपंथी पत्रकार सोनल जैन बने आईजा के जिला प्रभारी: समाजजनों ने बधाई और शुभकामनाएं देकर उज्ज्वल भविष्य की कामना की 

देश के जैन पत्रकारों के सबसे अधिक सक्रिय संगठन ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (आईजा) के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हृडिया की अनुशंसा पर भिंड के...

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जो शाश्वत उसे प्राप्त करना उत्तम सत्य धर्म : आचार्य श्री विमर्शसागर जी ने बताया उत्तम शौच धर्म का महत्व

उत्तम सत्य धर्म-दूसरों को पीड़ादायक कठोर वचन परनिंदापरक वचन, झूठ वचन तथा दूसरों को नीचा दिखाने वाले वचन, असत्य की श्रेणी में आते हैं। सहारनपुर से पढ़िए, सोनल...

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भक्ति का मूल्य नहीं आंका जा सकता भक्ति अमूल्य है : आचार्य श्री विमर्श सागर जी ने भक्तामर स्तोत्र का सार बताया 

आचार्य श्री विमर्श सागर जी ने कहा कि भीड़ भरे बाजार में एक हीरा रखा हो और आपको उसकी सुरक्षा के लिए नियुक्त किया गया हो, वहाँ आप पूरा ध्यान हीरे पर ही केन्द्रित...

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संतान की सुरक्षा धन से नहीं, संस्कारों से है : आचार्य श्री विमर्श सागर जी ने मन वचन और काया की शुद्धि पर दिया जोर 

आचार्य श्री विमर्श सागर जी सहारनपुर जैन बाग प्रांगण में नवनिर्मित वीरोदय तीर्थ मंडपम में उपस्थित धर्म सभा को संबोधित कर रहे हैं। उनके प्रवचन का लाभ उठाने के...

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जैन मिलन विहार में आर्यिका उपसंघ का चातुर्मास: आचार्यश्री विमर्शसागर जी ने श्रावकों की भक्ति भावना सराही 

आचार्य श्री विमर्शसागर जी (ससंघ 33 पिच्छी) के प्रथम बार मुजफ्फर नगर आगमन हुआ। 19 जून को आचार्य संघ ने मुजफ्फर नगर में मंगल पदार्पण किया। प्रेमपुरी, अबु पुरा...

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