राजस्थान के बारां जिले के छोटे से गांव कुंजैड़ के निवासी भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन अनिमेष पाटनी को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में दिखाए अदम्य साहस और नेतृत्व के लिए वीर चक्र से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति द्वारा सम्मान की घोषणा होते ही देशभर के साथ जैन समाज में हर्ष की लहर दौड़ गई। बदनावर से पढ़िए, ओम पाटोदी की यह खबर…
बदनावर (वर्द्धमानपुर)। राजस्थान के बारां जिले के छोटे से गांव कुंजैड़ के निवासी भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन अनिमेष पाटनी को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में दिखाए अदम्य साहस और नेतृत्व के लिए वीर चक्र से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति द्वारा सम्मान की घोषणा होते ही देशभर के साथ जैन समाज में हर्ष की लहर दौड़ गई।
क्या है वीरता की कहानी
वर्द्धमानपुर शोध संस्थान के ओम पाटोदी ने बताया कि ग्रुप कैप्टन पाटनी ने S-400 ‘ट्रायम्फ’ एयर डिफेंस सिस्टम की रेजीमेंट का नेतृत्व करते हुए विमानन इतिहास की सबसे लंबी सतह-से-आकाश मार की। उन्होंने 314 किमी दूर पाकिस्तान वायुसेना के DA-20EW फाल्कन्स / साब एराइए-2000 AEW&C विमान को सटीक निशाना बनाकर मार गिराया। S-400 प्रणाली 400 किमी तक लड़ाकू विमान, ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट करने में सक्षम है। अनुभवी फाइटर पायलट रहे कैप्टन पाटनी ने युद्धक विमानों में लंबे अनुभव के बाद देश के सबसे एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम की कमान संभाली। उनका नेतृत्व और रणनीति इस मिशन की सफलता में निर्णायक रही।
वीर चक्र युद्धकालीन वीरता का तीसरा सर्वोच्च सम्मान है। भारतीय सेना के वीरता पुरस्कार दो श्रेणियों में बंटे हैं।
1. युद्धकालीन: परमवीर चक्र, महावीर चक्र , वीर चक्र
2. शांतिकालीन: अशोक चक्र, कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र
जैन समाज ने कहा – ‘अहिंसा और वीरता, दोनों हमारे संस्कार’
वर्द्धमानपुर शोध संस्थान के ओम पाटोदी ने कहा, _”जैन धर्म अहिंसा सिखाता है, लेकिन राष्ट्रधर्म निभाने के लिए वीरता और साहस की पराकाष्ठा भी सिखाता है। कैप्टन पाटनी ने यही सिद्ध किया है।”
वर्द्धमानपुर शोध संस्थान एवं जैन समाज से ओम पाटोदी, राजेश जैन फुलजी बा, राजमल सूर्या, मुकेश विनाक्या, सुरेन्द्र मूणत, राजेश मोदी, विजय बाफना, महेंद्र सुंदेचा, राजेंद्र सराफ, अनिल लुनिया, सर्वेश मंडलेचा, सौरभ जैन, प्रवीण जैन, विपिन जैन, पवन पाटोदी, सुशील मोदी, ललित गोधा, स्वप्निल जैन, अभय पाटोदी, मनोज गोधा, दिलीप पाटनी, रितेश मोदी। वहीं वैश्य महासम्मेलन से अरुण सुंदेचा, राजेश अग्रवाल, मनोज सोमानी, ने लोकेश गुप्ता, उमरावमल चोपडा, विमलेश पगारिया, अनिल मुणत, कमलेश संघवी, महेंद्र चोपडा, संजय चोपडा, हरीश माहेश्वरी, नीलेश कोठारी, नितेश तांतेड, नवीन मुणत, विजय गादिया, सचिन लोढा, अभिषेक संघवी, निर्मल सकलेचा, राहुल सोनी, जीतू भाई, रूपेश चोपड़ा, रोहन सुन्देचा, अभिषेक सराफ, चंद्रेश सुन्देचा आदि सदस्यों ने बधाई देते हुए हर्ष व्यक्त किया है। ग्रुप कैप्टन पाटनी का सम्मान न सिर्फ जैन समाज, बल्कि बारां, राजस्थान और पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है।













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