Tag - Acharya Shri Vimarsh Sagar Ji

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आत्म तत्त्व ही परिष्कृत होकर परमात्मा बनता है : आचार्य श्री विमर्शसागर जी के सानिध्य में श्री 1008 समवसरण महामण्डल विधान हुआ

1008 समवसरण महामण्डल विधान में हजारों की संख्या में श्रद्धालु इन्द्र-इन्द्राणी बनकर श्री जिनेन्द्र भगवान की महा-आराधना कर रहे हैं। मेरठ से सोनल जैन की यह...

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35 पिच्छीधारी साधकों के सान्निध्य में मनाया गया भगवान महावीर का 2625वां जन्म कल्याणक महोत्सव : जैन संस्कृति की रक्षा में प्रत्येक भारतीय को आगे आना होगा – आचार्य श्री विमर्शसागर जी 

वर्तमान शासन नायक, अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का 2625वां जन्म कल्याणक महोत्सव देश-विदेश के साथ मेरठ महानगर में भी अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के...

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सम्यक दर्शन से मिटत हैं अनंत दुःख : आचार्य श्री विमर्शसागर जी ने मेरठ में दी मंगल देशना 

नगर में विराजमान आचार्य श्री विमर्शसागर जी महामुनिराज ने कहा कि मनुष्य के जीवन में सम्यक दर्शन का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। जब व्यक्ति को सम्यक दृष्टि...

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सिद्ध चक्र महामंडल विधान विश्वविश्व शांति महायज्ञ 24 से : समाजजनों से कार्यक्रम में भाग लेने की अपील 

आचार्य श्री विमर्श सागर जी के मंगल आशीर्वाद से नगर में सिद्ध चक्र महामंडल विधान एवं विश्वविश्व शांति महायज्ञ होने जा रहा है। भिंड से सोनल जैन की यह खबर…...

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बड़े जैन मंदिर में किया छठवां साप्ताहिक जिनाभिषेक : आर्यिका श्री विमर्शिता श्री माताजी के मंगल निर्देशन में हुआ आयोजन 

आचार्यश्री विमर्श सागर जी महामुनिराज के मंगल भावना और आशीर्वाद एवं आर्यिका श्री विमर्शिता श्री माताजी के मंगल निर्देशन में मंगलवार को बड़े जैन मंदिर में छठवां...

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संसार में जीवात्मा तब तक ही रहता है जब तक जीव के अंदर संसार : बड़ौत में 35 पिच्छीधारी संयमियों की शीतकालीन मंगल कलश स्थापना 

‘जीवन है पानी की बूंद’ महाकाव्य के मूल रचनाकार आचार्य श्री विमर्शसागर जी महामुनिराज, जिनके पादमूल में 35 पिच्छीधारी संयमी साधक संयम की साधना, रत्नत्रय की...

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बीज की भांति आत्मा ही बनता है परमात्मा : बड़ौत में गूंजी विमर्श वाणी श्रद्धालु हुए लाभान्वित 

आचार्य श्री विमर्श सागर जी महामुनिराज ससंघ 35पिच्छी का बड़ौत धर्मनगरी में शीतकालीन प्रवास हो रहा है। यहां उनके प्रवचनों का धर्मलाभ यहां की जनता ले रही है। बड़ौत...

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जहां सारे भेष विसर्जित हो जाते हैं वहां दिगंबर भेष जन्म लेता है : आचार्य श्री विमर्श सागर जी के सानिध्य में आचार्य श्री विरागसागर जी का मनाया 43 वां दीक्षा दिवस 

आचार्य श्री विराग सागर जी का 43 वां मुनि दीक्षा दिवस बुढ़ाना धर्मनगर में मनाया गया। आचार्य श्री विमर्शसागर जी महाराज ससंघ (35 पिच्छी) के सानिध्य में बुढ़ाना...

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दुर्गुणों के नाश एवं सद्‌गुणों की प्राप्ति के लिए धर्म जरूरी : आचार्य श्री विमर्श सागर जी की अगवानी में बुढ़ाना समाज उमड़ा 

धर्म की शरण में आने से हमें वह प्राप्त होता है, जो संसार में कहीं भी प्राप्त नहीं होता। धर्म हमें वह देता है, जो वचनों से नहीं कहा जा सकता, वह अनिर्वचनीय होता...

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तन की शुद्धि जल से, चेतन की शुद्धि भावों से होती है: आचार्य श्री विमर्शसागर जी ने जैन मिलन विहार में किया धर्मसभा को संबोधित 

मुज़फ़्फ़रनगर की पावन धर्मधरा पर 35 पिच्छीधारी संयमियों के साथ आचार्य श्री विमर्शसागर जी अपूर्व धर्म की प्रभावना कर रहे हैं। जैन मिलन विहार में उपस्थित विशाल...

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