डडूका। श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर (जयपुर) एवं 18,000 दशाहुमड दिगंबर जैन समाज के संयुक्त तत्वावधान में गत 7 जून से आयोजित आठ दिवसीय श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर का भव्य समापन हुआ। इस समापन समारोह की अध्यक्षता समाज अध्यक्ष राजेश शाह ने की जबकि, विद्वान अवनीश शास्त्री एवं सजल शास्त्री मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शिविर प्रभारी राजेंद्र कोठिया, पाठशाला प्रेरक धनपाल शाह, अजीत कोठिया एवं मनोज शाह ने मंच साझा किया।
इनको पुरस्कृत किया
शिविर के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को समारोह में पुरस्कृत किया गया। छह ढाला प्रतियोगिता में धनपाल शाह ने प्रथम, टीना शाह ने द्वितीय और रोहिता शाह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। भाग-2 प्रतियोगिता में सृष्टि जैन प्रथम, सांची जैन द्वितीय तथा कथनी जैन तृतीय रहीं। भाग-1 (मौखिक) प्रतियोगिता में जियांशी जैन ने प्रथम, तुभ्यम जैन ने द्वितीय और देवर्ष जैन ने तृतीय स्थान हासिल किया। इसके साथ ही चार्ट प्रतियोगिता में कल्प व हर्षल की जोड़ी प्रथम, योग्य द्वितीय और वैदिक व क्रिया की जोड़ी तृतीय स्थान पर रही।
इनका किया सम्मान
इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ सदस्यों—भरत जैन, योगेश शाह, मुकेश शाह, धनपाल सेठ, अशोक एम शाह, अजीत बी शाह, अनिल कोठिया और राजमल शाह ने आदरपूर्वक भैया जी को तिलक लगाया, माल्यार्पण किया तथा पगड़ी और शाल ओढ़ाकर उनका भव्य सम्मान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजेश शाह और अजीत कोठिया ने शिविर के महत्व पर प्रकाश डाला।
संस्कार निर्माण के लिए शिविर जरूरी
अपने संबोधन में भैया जी ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि बचपन से ही बच्चों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक संस्कारों के निर्माण के लिए ऐसे शिक्षण शिविरों की आवश्यकता बेहद महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम का सफल संचालन राजेंद्र कोठिया द्वारा किया गया और अंत में सभी के प्रति आभार प्रदर्शन मनोज शाह ने किया।
इनका आभार माना
समारोह में शिविर को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहयोग देने वाले समाज के सदस्यों—चिराग शाह, पलाश शाह, अशोक के शाह, रॉकी गांधी, अंकित शाह, मितेश शाह, योगेश शाह, रितेश आर शाह, सुधीर सेठ, निवेश शाह, वीरेंद्र शाह, हितेश शाह, संजय शाह और सुमित शाहका विशेष रूप से आभार व्यक्त किया गया। समाज के मीडिया प्रभारी राकेश शाह ने यह जानकारी साझा की है।













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