Tag - सांसारिक दुख

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संत समागम में आचार्य वर्धमान सागर जी ने कहा – रागी को बैरागी बनाने का सूत्र धर्म है : प्रथमाचार्य शांतिसागर जी के योगदान को याद कर दी आचार्य भक्ति की प्रेरणा

आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने संत समागम के दौरान धर्म को रागी से बैरागी बनने का मार्ग बताया। प्रथमाचार्य शांतिसागर जी महाराज के अविस्मरणीय योगदानों का...

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आचार्य वर्धमान सागर बोले-वैराग्य, व्रत संयम और रत्नत्रय से संवेग भावना जाग्रत होती है: 15 अगस्त का संदेश — जैसे देश आज़ाद हुआ, वैसे ही आत्मा को भी कर्म बंधन से मुक्त कराना है

आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने 16 कारण भावना अंतर्गत संवेग भावना की विस्तृत विवेचना करते हुए कहा कि मनुष्य जीवन में वैराग्य, व्रत संयम और रत्नत्रय से ही सच्चा...

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