पावन प्रभाषगिरी पर्वत पर, जहां भगवान पदमप्रभु को केवलज्ञान की प्राप्ति हुई और दिव्य समवसरण की रचना हुई थी, उस ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक स्थल पर क्षेत्र कमेटी...
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जीवन में कोई तीर्थ हो पाए या न हो पाए, एक बार सम्मेदशिखर की बंदना कर लेना जरूरी है, उपरोक्त उद्गार निर्यापक श्रमण मुनि श्री समतासागर महाराज ने गुणायतन परिसर के...
संत शिरोमणि आचार्य गुरुदेव विद्यासागरजी महामुनिराज के निर्यापक श्रमण मुनि श्री सुधासागर जी महाराज जो कि सागर में चातुर्मास कर रहे है एवं मुनि श्री समता सागर जी...








