मां अहिल्या की धर्मनगरी इंदौर को इस वर्ष परम पूज्य मुनि श्री 108 सुधा सागर जी महाराज ससंघ सहित अनेक संतों का पावन सान्निध्य प्राप्त होने जा रहा है। समाज में हर्ष और उत्साह का वातावरण है। पढ़िए श्रीफल साथी राजेश जैन दद्दू की यह रिपोर्ट।
इंदौर। मां अहिल्या की धर्मनगरी इंदौर के लिए यह वर्ष विशेष धार्मिक सौभाग्य लेकर आया है। परम पूज्य मुनि श्री 108 सुधा सागर जी महाराज अपने ससंघ के साथ इंदौर की ओर मंगल विहार प्रारंभ कर चुके हैं। उनके आगमन की सूचना से समूचे जैन समाज में उत्साह और भक्ति का वातावरण है।
गुरु कृपा से धन्य होगी धर्मनगरी
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने कहा कि वर्षों की श्रद्धा, भक्ति और आराधना का प्रतिफल इंदौर को प्राप्त होने जा रहा है। उन्होंने इसे मां अहिल्या की धर्मनगरी के भाग्योदय का क्षण बताते हुए समस्त समाज एवं गुरु भक्तों को अग्रिम शुभकामनाएं दीं।
अनेक संत संघों का मिलेगा सान्निध्य
वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. जैनेन्द्र जैन ने बताया कि मुनि श्री 108 सुधा सागर जी महाराज के साथ परम पूज्य आचार्य श्री सुनील सागर जी महाराज, मुनि श्री बिमल सागर जी महाराज, मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज सहित अनेक संत-संघों का भी इंदौर में पावन सान्निध्य प्राप्त होगा। यह अवसर पूरे मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है।
धर्ममय होगा वातावरण
समाजसेवी नवीन आनंद गोधा ने कहा कि सैकड़ों साधु-संतों के चरण पड़ने से इंदौर में जिनवाणी, स्वाध्याय, संयम और करुणा का वातावरण निर्मित होगा। गुरुजनों का आगमन समाज के आध्यात्मिक उत्थान और धर्मप्रभावना का महत्वपूर्ण अवसर बनेगा।
समाज से सहभागिता का आह्वान
राजेश जैन दद्दू ने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे इस ऐतिहासिक अवसर पर एकजुट होकर गुरुदेवों के स्वागत, वैयावृत्य, सेवा एवं धर्म-आराधना में सक्रिय सहभागिता निभाएं। उन्होंने इंदौर एवं मध्यप्रदेशवासियों को इस मंगल अवसर की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए “नमोस्तु, शासन जयवंत हो” का संदेश दिया।
धर्म और संस्कारों का बनेगा महापर्व
संतों का आगमन केवल चातुर्मास का आयोजन नहीं, बल्कि धर्म, संस्कार, आत्मचिंतन और समाज जागरण का महापर्व है। समाजजन इसे श्रद्धा, समर्पण और सेवा भाव के साथ मनाने की तैयारियों में जुट गए हैं।













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