जैन समाज आज संत, पंथ और संघ में बंट गया है। आप प्रतिदिन ‘णमो लोए सव्ब साहूणम’ लोक के सभी साधुओं को नमस्कार का उच्चारण करते हैं और माला फेरते हैं लेकिन, साधु...
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पर्युषण पर्व के समापन पर प्रतिवर्ष निकाले जाने वाले रथोत्सव पर भावपूर्ण और अहिंसा, शांति, विश्व बंधुत्व, भातृत्व भाव, संयम, त्याग, तप, तपस्या आदि धर्म का पालन...








