उदय नगर जैन मंदिर के प्रांगण में मुनि श्री विमल सागर जी ने अपने प्रवचन में कहा कि हमारा जैनागम (शास्त्र) चार अनुयोगों में बटा हुआ है। हम किसी भी एक योग को गौण...
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जैन धर्म के चार अनुयोग के माध्यम से हमें जीवन के उच्चतम उद्देश्य की प्राप्ति के लिए आवश्यक सिद्धांतों का ज्ञान मिलता है। ये शास्त्र न केवल हमें जीवन के...








